जम्मू कश्मीर

पाक से दोस्ती बहाली होगी अटलजी को सच्ची श्रद्धांजलि

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को सच्ची श्रद्धांजलि पाकिस्तान के साथ दोस्ती बहाली की होगी। डॉ. फारूक ने कहा कि अटल जी महान व्यक्तित्व थे।

वह पाकिस्तान से भी दोस्ती करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने प्रयास भी किए लेकिन दुर्भाग्य से उनकी यह कोशिशें कामयाब नहीं हो पाई। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इमरान खान जो पाकिस्तान में सत्तासीन होने जा रहे हैं, भारत पाकिस्तान में दोस्ती बहाली के अटल बिहारी वाजपेयी के ख्वाब को पूरा करेंगे। यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

अटल जी से प्यार करते थे तीनों खित्तों के लोग

प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को प्यार करते थे। अटल जी के लिए जम्मू उनकी कर्मभूमि थी। अटल जी के मंत्रिमंडल में पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री के रूप में रहे प्रो. चमन लाल गुप्ता ने शुक्रवार को अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के बाद यह कहा। प्रो. गुप्ता ने कहा कि वाजपेयी ने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में दुश्मन को करारी शिकस्त देकर अपनी ताकत दिखाई थी।

वहीं, शांति के लिए उन्होंने वर्ष 2003 में जनरल परवेज मुशर्रफ को यह कहने के लिए मजबूर कर दिया कि आतंकवाद को शह देने के लिए पाकिस्तान की भूमि का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।हालांकि उन्होंने सैफुद्दीन सोज के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने वाजपेयी सरकार के खिलाफ अपने वोट को सही ठहराया है।

प्रो. चमन लाल गुप्ता ने कहा कि यह ऐसे बयान देने का समय नहीं है। इस दुखद माहौल में ऐसा बयान देकर सोज ने साबित कर दिया है कि वह किस तरह के इंसान हैं। उस समय नेशनल कांफ्रेंस के नेता रहे सोज को इस वोट के लिए कांग्रेस की ओर से बड़ा इनाम मिला था। सोज ने 17 अप्रैल 1999 को नेशनल कांफ्रेंस के व्हिप की अवहेलना करते हुए वाजपेयी सरकार के खिलाफ वोट डाला था। इस एक वोट के कारण वाजपेयी सरकार गिर गई थी। वीरवार को वाजपेयी के निधन के बाद सोज ने कहा था कि उनका वाजपेयी सरकार के खिलाफ वोट डालने का फैसला बिलकुल सही था।

 प्रो. चमन लाल गुप्ता ने अटल मंत्रिमंडल में बिताए दिनों की यादों को ताजा करते हुए कहा कि जब कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान से बात हो रही थी तो उन्होंने वाजपेयी से कहा था कि जम्मू के हितों को भी ध्यान में रखा जाए। इस पर अटल ने कहा था कि वह अच्छी तरह से जानते हैं कि जम्मू कर्मभूमि है। वहीं पाकिस्तान की ओर से हालात खराब करने की कोशिशों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि हमें कश्मीर को भी संभालकर रखना है। इस समय इसके लिए ही प्रयास किए जा रहे हैं। 

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