आखिर क्यों अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता से राहुल गांधी ने मागी माफ़ी

 कांग्रेस पार्टी में राहुल गांधी की ताजपोशी के बाद से ही पार्टी में बदलाव का दौर शुरू हो गया है. कई पुराने लोगों को संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया गया तो कई नए लोगों को पार्टी में मौका दिया गया. लेकिन हाल ही में पार्टी में किए एक बदलाव के तरीके ने राहुल गांधी को माफी मांगने पर मजबूर कर दिया. क्योंकि बदलाव का ये तरीका उस नेता को चुभ गया और जैसे ही उस नेता का राहुल गांधी से सामना हुआ, उन्होंने राहुल गांधी को अपने मन की बात कह डाली. इसके बाद राहुल गांधी को अपनी ही एक पार्टी के नेता से माफी मांगनी पड़ी वो भी एक बार नहीं, 3 से 4 बार. राहुल गांधी ने कहा- ‘मुझे माफ कर दीजिए.’

आखिर ऐसा क्यों हुआ. हुआ यूं कि हाल ही में पुनर्गठित पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी के नेता राहुल गांधी से मिलने पहुंचे. इस मीटिंग में पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा, कांग्रेस सांसद और पूर्व प्रदेश और नवनियुक्त चुनाव अभियान समिति के अध्य़क्ष अधीर रंजन चौधरी, पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रभारी गौरव गोगोई समेत कुल 17 लोग मौजूद थे.

बैठक तो लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए बुलाई गई थी, लेकिन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे अधीर रंजन चौधरी ने राहुल गांधी से पार्टी में हुए बदलाव के तरीके पर ही सवाल उठा दिया. अधीर का सवाल सीधा था, कि उनको प्रदेश अध्यक्ष से हटाने की जानकारी तक नहीं दी गई आखिर क्यों. मुझे मीडिया से इस बात की जानकारी मिली, मुझे इस बात का बहुत दुख है. 

अधीर रंजन चौधरी ने राहुल गांधी से कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन हो सकता है कि कांग्रेस अध्यक्ष के उम्मीदों के मुताबिक काम न हुआ हो. अधीर ने राहुल गांधी से कहा कि मैंने कई बार बोला की अगर मेरी जगह किसी और को पश्चिम बंगाल का अध्यक्ष बनाना है तो वो बना सकते हैं. बावजूद इसके मुझे बिना बताए हटाया गया.

अधीर रंजन ने राहुल गांधी को साफ-साफ कहा कि इस तरह का व्यवहार उनकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान के खिलाफ है और ये गलत है. अधीर की शिकायत के बाद बाकी सभी मौजूद नेता सकते में आ गए, लेकिन राहुल गांधी ने तुरंत मामले की गंभीरता को समझते हुए कहा कि ये गलत हुआ है.

राहुल गांधी ने इस गलती पर तुरंत बैठक में मौजूद पश्चिम बंगाल के प्रभारी गौरव गोगोई से पूछा कि आखिर ऐसा क्यों हुआ. गौरव गोगोई ने कुछ कहा, लेकिन वास्तविक वजह का पता नहीं चल सका कि आखिर ऐसा क्यों हुआ. इसके बाद राहुल गांधी ने तुरंत अधीर रंजन चौधरी को कहा कि ये गलत हुआ है और इसके लिए वो माफ़ी मांगते हैं.

आमतौर पर इस तरह की शिकायत कोई कांग्रेस अध्यक्ष से नहीं करता, लेकिन अधीर रंजन चौधरी बेबाक माने जाते हैं और उनकी शिकायत पर गलती मानने और क्षमा मांगने के बाद राहुल गांधी ने भविष्य में ऐसा न करने का भी आदेश पार्टी के जिम्मेदार नेताओं को दिया है.

अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के जुझारू और जमीनी नेता के तौर पर जाने जाते हैं. 1999 से लगातार 4 बार से वो बहरामपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अधीर रंजन चौधरी को पश्चिम बंगाल कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था. रंजन चौधरी UPA 2 में केन्द्र सरकार में रेल राज्यमंत्री भी रह चुके हैं

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