किसान क्रांति यात्रा : गृहमंत्री से 12 बजे होगी किसानों की मुलाकात, सभी रास्ते बंद

किसान क्रांति यात्रा : गृहमंत्री से 12 बजे होगी किसानों की मुलाकात, सभी रास्ते बंद

सम्पूर्ण कर्ज माफी और फसलों के दाम स्वामीनाथन आयोग के सी-2 फार्मूले के आधार पर देने समेत 21 सूत्रीय मांगों को लेकर हरिद्वार से निकली किसान क्रांति यात्रा दिल्ली में प्रवेश की तैयारी में है। हालांकि, उसके पहले ही दिल्ली में घुसने के सारे रास्ते सील कर दिए गए हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए हैं।

इस बीच खबर है किसान नेताओं से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की मुलाकात दोपहर 12 बजे हो सकती है। वहीं भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष और किसान नेता नरेश टिकैत ने कहा कि हमें दिल्ली-यूपी सीमा पर रोक दिया गया है। यह रैली अनुशासन में चल रही थी। अगर हम अपनी सरकार को अपनी तकलीफ नहीं बताएंगे तो किसे बताएंगे? क्या इसके लिए हमें पाकिस्तान या बांग्लादेश जाना पड़ेगा?

बता दें कि राजधानी में किसान क्रांति यात्रा के प्रवेश रोकने के लिए मंगलवार सुबह से यूपी गेट पर भारी सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। इसके अलावा दिल्ली और यूपी पुलिस बल के साथ पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात की गई है। दिल्ली के साथ यूपी के गाजियाबाद और नोएडा में भी भारी पुलिस बल तैनात है।

वहीं, पूर्वी दिल्ली में दिल्ली पुलिस के जॉइंट सीपी पूर्वी रेंज ने लाउडस्पीकर के माध्यम से जानकारी दी है कि राजेश टिकैत की अध्यक्षता में 8000 किसान यूपी गेट की ओर बढ़ रहे हैं। वे बैरिगेड तोड़ने की कोशिश करेंगे। इस बाबत उन्होंने पुलिस व अर्द्धसैनिक टीम से अलर्ट रहने को कहा है।

इससे पहले हरिद्वार से दिल्ली के किसान घाट के लिए आ रही किसान क्रांति यात्रा सोमवार दोपहर ट्रांस हिंडन पहुंची तो इस दौरान सड़कों पर किसानों का हुजूम देखने को मिला। ट्रैक्टर-गाड़ियों के अलावा, पैदल सैकड़ों किसानों ने लिंक रोड पर वसुंधरा स्थित दो फॉर्म हाउसों में डेरा डाल लिया। सोमवार रात सीएम योगी आदित्यनाथ से हुई किसानों की वार्ता विफल रही। इसके बाद अब किसान मंगलवार सुबह सात बजे दिल्ली के लिए कूच करेंगे।

किसानों ने मंडी के अंदर जाने से इनकार कर दिया

विभिन्न मांगों को लेकर हरिद्वार से आ रही किसान क्रांति यात्रा को प्रशासन ने कमला नेहरू नगर में रोकने की योजना बनाई थी। लेकिन किसानों ने प्रशासन की योजना को धता बताते हुए सीधे ट्रांस हिंडन का रुख कर दिया। दोपहर करीब दो बजे यात्रा ने ट्रांस हिंडन में प्रवेश कर लिया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत और राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेश टिकैत के नेतृत्व में हजारों किसान जीटी रोड से होते हुए लिंक रोड स्थित सब्जी मंडी पहुंचे। यहां किसानों ने मंडी के अंदर जाने से इनकार कर दिया।

अधिकारियों में मचा हड़कंप, फॉर्म हाउस में रुकवाया

किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन मंडी के दरवाजे बंद कर उन्हें बंधक बना लेगा। वे सड़क पर बैठने को तैयार हो गए। इसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। शहर में जाम को देखते हुए अधिकारी उन्हें सड़क से हटाने की योजना बना रहे थे। इस दौरान उन्हें मंडी के सामने स्थित दो फॉर्म हाउस में रोका गया। देर रात तक किसान दोनों फार्म हाउस में डटे रहे। किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया कि वह सुबह दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

डीएम-एसएसपी ने किया समझाने का प्रयास

फॉर्म हाउस में किसानों से मिलने डीएम रितु माहेश्वरी और एसएसपी वैभव कृष्ण पहुंचे। करीब एक घंटे तक दोनों ने किसानों से बंद कमरे में वार्ता की, लेकिन किसान दिल्ली जाने पर अड़े रहे।

मुख्यमंत्री से वार्ता रही विफल

किसानों को समझाने के लिए देर शाम गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मिलने बुलाया था। हालांकि प्रशासन ने देर रात किसानों की वार्ता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ करवाई। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम व्यस्त है, ऐसे में वह अभी किसानों से नहीं मिल सकते। उन्होंने किसानों को जल्द ही उनकी मांगों पर हल निकालने का प्रस्ताव दिया, लेकिन किसान दिल्ली कूच करने की बात पर अड़े रहे। किसानों ने प्रधानमंत्री से मिले बिना लौटने से इन्कार कर दिया।