भाजपा को जल्द ही ओमप्रकाश राजभर दे सकते हैं बड़ा झटका…

भाजपा को जल्द ही ओमप्रकाश राजभर दे सकते हैं बड़ा झटका…

मिशन-2019 में फतह के लिए सोशल इंजीनियरिंग सहित तमाम फैक्टरों पर काम कर रही भारतीय जनता पार्टी को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर जल्द ही तगड़ा झटका दे सकते हैं। सूत्रों की मानें तो राजभर सुभासपा केस्थापना दिवस पर 27 अक्तूबर को राजधानी में होने वाली रैली में योगी मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने व भाजपा का साथ छोड़ने का एलान कर सकते हैं।

सुभासपा के रणनीतिकारों में शामिल एक महत्वपूर्ण सूत्र की मानें तो अब समझौते की गुंजाइश नहीं बची है। पिछड़ों व अति पिछड़ों के हितों से जुड़े कई मुद्दों पर भाजपा का रवैया लगातार उपेक्षापूर्ण है। भाजपा नेता राजनीतिक व सार्वजनिक मंचों से तो पिछड़ों के हित की बात करते हैं, लेकिन जब फैसले का वक्त आता है तो टाल जाते हैं।

ओमप्रकाश राजभर कई बार अति पिछड़ों और गरीबों को आरक्षण का लाभ देने के लिए इसमें बंटवारे का आग्रह भाजपा नेतृत्व से कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। ऐसे में पिछड़ों के हितों के संघर्ष के बल पर यहां तक पहुंचे ओमप्रकाश राजभर अब और कब तक प्रतीक्षा करें। उनके लिए पिछड़ों का हित और उनकी समस्याओं का समाधान सत्ता से बड़ा है।

अच्छा नहीं रहा भाजपा से गठबंधन का अनुभव

ओमप्रकाश राजभर के नजदीकी लोगों का कहना है कि भाजपा से गठबंधन का उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा। इसलिए अब किसी से गठबंधन के बजाय पिछड़ों व अति पिछड़ों की भलाई के लिए संघर्ष करेंगे। उन्होंने रैली के दिन मंच से अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए सरकार से अलग होने का निश्चय कर लिया है।

लगातार जताते रहे हैं नाराजगी
भाजपा के साथ गठबंधन कर पहली बार विधायक बनने वाले ओमप्रकाश राजभर योगी सरकार में दिव्यांग कल्याण विभाग का कैबिनेट मंत्री बनने के बाद से ही लगातार नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। गाजीपुर के तत्कालीन डीएम रहे संजय कुमार खत्री के रवैये को लेकर भी उन्होंने बगावती तेवर दिखाए थे। पिछड़ों को मिल रहे 27 प्रतिशत आरक्षण में तीन श्रेणियां बनाकर इसका लाभ पिछड़ों के बीच बांटने के सवाल को लेकर भी मुखर रहे हैं। मंत्री होते हुए भी उन्होंने सरकार पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ा।

मोदी-योगी व शाह भी होंगे निशाने पर

ओमप्रकाश अब तक सिर्फ भाजपा और सरकार का ही नाम लेकर हमले बोलते रहे हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है इस बार उनके निशाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी होंगे। यही नहीं, रैली में वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा के अन्य कई महत्वपूर्ण लोगों पर निशाना साधेंगे।

मोदी-योगी व शाह भी होंगे निशाने पर

ओमप्रकाश अब तक सिर्फ भाजपा और सरकार का नाम लेकर ही हमले बोलते आ रहे हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है इस बार उनके निशाने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी होंगे। यही नहीं, 27 अक्तूबर को होने वाली रैली में ओमप्रकाश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा के अन्य कई महत्वपूर्ण लोगों पर निशाना साधेंगे।  पार्टी के रणनीतिकारों से इस मुद्दे पर वह चर्चा भी कर चुके हैं। 

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