चुनाव आयोग ने देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कार्यक्रम घोषित कर दिया

चुनाव आयोग ने देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कार्यक्रम घोषित कर दिया

 चुनाव आयोग ने देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है. इन पांच राज्यों में मप्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना शामिल हैं. लेकिन चुनाव आयोग ने अपने एक फैसले से सभी को चौंका दिया है. चुनाव आयोग ने इन चुनावों के साथ ही कर्नाटक की तीन लोकसभा सीटों के लिए भी उपचुनाव कराने की घोषणा कर दी है. ये तीन लोकसभा सीटें बेल्लारी, शिमोगा और मांड्या हैं. ये तीनों सीटें कर्नाटक के  पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान खाली हुई थीं. 3 में से दो सीटें बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा और श्रीरामुलु के कारण और एक सीट जेडीएस के पुत्ताराजा के विधानसभा में जाने के कारण खाली हुई थीं.चुनाव आयोग ने देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कार्यक्रम घोषित कर दियाइन सीटों के खाली होने के कारण उम्मीद की जा रही थी कि इन पर चुनाव लोकसभा चुनावों के समय ही होंगे. लेकिन चुनाव आयोग ने इन पर भी चुनाव घोषित कर दिए. इन चुनावों के परिणाम नवंबर में आएंगे. इसके दो महीने बाद ही लोकसभा चुनाव शुरू हो जाएंगे. ऐसे में इन सीटों पर बहुत जल्दी जल्दी चुनाव होंगे. इस फैसले से सभी पार्टियां आश्चर्य में हैं.

कर्नाटक में कुल पांच सीटों के लिए उप चुनाव होंगे. इनमें शिमोगा, बेल्लारी और मांड्या लोकसभा सीटें हैं. वहीं रामनगरा और जामखंडी विधानसभा सीटे हैं. इन सीटों के लिए 3 नवंबर को वोटिंग होगी. इसके तीन दिन बाद परिणाम आएंगे.

हालांकि पार्टियों ने विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा का स्वागत किया है. जामखंडी सीट कांग्रेस प्रत्याशी  की मौत के बाद खाली हुई है. वहीं रामनगरा सीट कुमारस्वामी के छोड़ने के कारण खाली हुई है. वह दो सीटों से चुनाव लड़े थे. अब इस सीट से उनकी पत्नी अनिता कुमारस्वामी चुनाव लड़ सकती हैं. इसकी पुष्टि खुद अनिता ने की है.

कर्नाटक कांग्रेस के मुखिया दिनेश गुंडु राव ने कहा, विधानसभा के लिए उप चुनाव जरूरी थे, लेकिन उन्होंने लोकसभा के लिए उपचुनाव पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा, मार्च अप्रैल में लोकसभा चुनाव होंगे, ऐसे में इन चुनावों की जरूरत समझ में नहीं आती. उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा, हम इस फैसले से चकित हैं. वहीं येदियुरप्पा ने कहा, इन चुनावों की किसी पार्टी को कोई जरूरत नहीं थी.

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