अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम अपने गठबंधन के प्रधानमंत्री प्रत्याशी के रूप में घोषित करने के लिए तैयार नहीं है.

अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम अपने गठबंधन के प्रधानमंत्री प्रत्याशी के रूप में घोषित करने के लिए तैयार नहीं है.

अन्नाद्रमुक (AIADMK) के वरिष्ठ नेता और लोकसभा उपाध्यक्ष एम थंबीदुरई ने सोमवार को दावा किया कि द्रमुक का बीजेपी के साथ तालमेल है और ऐसे में वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम अपने गठबंधन के प्रधानमंत्री प्रत्याशी के रूप में घोषित करने के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘क्या द्रमुक लोकसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी का नाम प्रधानमंत्री प्रत्याशी के रूप में घोषित करने के लिए तैयार है? द्रमुक राहुल गांधी को प्रधानमंत्री प्रत्याशी के रूप में नाम घोषित करने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि उसकी तालमेल बीजेपी के साथ है.’यहां संवाददाताओं के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर द्रमुक कहता है कि चुनाव के बाद प्रधानमंत्री का नाम तय होगा तो यह एक राजनीतिक नौटंकी है.

कांग्रेस ने PM पद के लिए राहुल के नाम पर की मनाही
उधर, कांग्रेस ने एक बार फिर से स्पष्ट किया है कि पार्टी प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल गांधी के नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस ने कभी ‘आधिकारिक’ रूप से यह नहीं कहा कि विपक्षी गठबंधन अगर अगली सरकार बनाता है तो राहुल गांधी को प्रधानमंत्री होना चाहिए.

उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस का ध्यान बीजेपी की सरकार को गिराना और ‘प्रगतिशील’ विकल्प को लाना है. चिदंबरम ने कहा कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में विपक्षी गठबंधन के जीतने पर प्रधानमंत्री कौन होगा, इसका फैसला उसके घटक करेंगे. 

उन्होंने न्यूज18 तमिल टीवी चैनल को बताया, ‘कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक तौर पर नहीं कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के तौर पर स्थापित किया जाए. जब एक या दो लोग इस बारे में बोलते हैं तो एआईसीसी नेतृत्व उनसे इन मुद्दों पर चर्चा नहीं करने को कहता है.’

बीजेपी को हटाना हमारा मकसद: चिदंबरम
उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री पद हमारे लिये कोई मुद्दा नहीं है.’ पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का मुख्य ध्यान बीजेपी सरकार को हटाना और उसकी जगह प्रगतिशील विकल्प देना है. उन्होंने कहा, ‘हम ऐसी सरकार चाहते हैं जो इंसानी स्वतंत्रता न छीने, ऐसी सरकार जो नागरिकों को न धमकाए, ऐसी सरकार जो व्यापारियों और उद्यमियों पर कर आतंकवाद न थोपे.’

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