कृषि कुंभ : पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा-किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी हो रहा

कृषि कुंभ : पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा-किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी हो रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में तीन दिवसीय कृषि कुंभ का आज उद्घाटन किया। वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग से उदघाटन के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के किसानों के योगदान के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों को जमकर सराहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान अब तो अन्नदाता के साथ ही ऊर्जादाता भी हो रहा है। अन्नदाता के ऊर्जादाता बनने की भी बड़ी संभावना पैदा हो गई है। किसान अन्नदाता है और ऊर्जादाता भी बन जाएगा। इससे किसानों के जीवन में कितना परिवर्तन आ रहा है, इस देखने का मौका गुजरात में मिला। वहां कुछ किसानों में सोलर पंप का प्रयोग शुरू किया। इससे वह बिजली की अपनी जरूरत भी तो पूरी कर ही रहे थे। साथ-साथ बिजली बेचकर उन्होंने साल में 50 हजार रुपये भी कमाए शुरू कर दिए।

इससे किसानों को एक तो मुफ्त बिजली मिलेगी व जरूरत के अतिरिक्त पैदा होने वाली बिजली को बिजली वितरण कंपनियों को बेच पाएंगे। किसानों को अनुसंधान केंद्रों से जोडऩे का काम किया जा रहा है ताकि जो भी खोज हो, उसकी जानकारी कम से कम समय में किसानों तक पहुंच सके। इसके लिए देश के 700 कृषि विज्ञान केंद्रों को बड़ी भूमिका दी गई है। पीएम मोदी ने कहा कि हम बिजली व डीजल से चलने वाले पंपों को सोलर पंपों में बदलने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।  इसके तहत आने वाले चार वर्ष में देश भर में करीब 28 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाने का अभियान चलेगा। 

उन्होंने कहा कि इजराइल को सिंचाई के नए तरीकों में महारत हासिल है। जापान भी कृषि से जुड़ी तकनीक के मामले में व्यापक कार्य कर रहा है। कृषि कुंभ का पार्टनर होने के कारण किसानों को इन दोनों देशों से लाभ मिलने वाला है। सिंचाई की व्यवस्था को भी काफी मजबूत किया जा रहा है। सिंचाई की नई तकनीकी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ड्राप-मोर क्रॉप के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि 2022 में जब देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होंगे, देश के किसान की आय दोगुनी हो, इसके लिए सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारा मत है कि हमारा स्पष्ट मत है कि किसान को कोई आगे नहीं लाता। बल्कि हमारा किसान है जो देश को आगे ले जाता है। यूपी में हो रहे प्रयास केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है जिसमें गांव व किसान हमारे आर्थिक चिंतन का प्रखर हिस्सा बने।

देश भर में 16 करोड़ से अधिक और करीब तीन करोड़ स्वाइल हेल्थ कार्ड अकेले उत्तर प्रदेश में बांटे गए हैं। इससे किसानों को यह तय करने में आसानी होती है कि उनकी जमीन कौन सी फसल के लिए उपयुक्त रहेगी व कौन सा फर्टिलाइजर कितनी मात्रा में डालना जरूरी है। खेती में वैज्ञानिक तरीकों का अभूतपूर्व समावेश किया जा रहा है। बीज से लेकर बाजार तक की एक मजबूत व्यवस्था देश में तैयार की जा रही है। मिट्टी की सेहत से लेकर मंडियों में सुधार को लेकर अनेक कदम उठाए जा रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि दो दिन पूर्व ही मछली उत्पादन से जुड़े किसानों के लिए सरकार ने बहुत बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 7500 करोड़ रुपये के एक नए फंड को मंजूरी दे दी है। टमाटर, आलू व प्याज की पैदावर के वैल्यू एडिशन के लिए योजना का ऐलान किया गया है। इससे यूपी के आलू किसानों को काफी लाभ मिलेगा। इससे कृषि क्षेत्र में निवेश के रास्ते भी खुलेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे यह जानकर भी खुशी हुई कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पहली बार आलू खरीदने का भी फैसला किया है। इससे निश्चित तौर पर उन किसानों को लाभ मिलने वाला है जिनको आलू का उचित दाम नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ने की खरीद प्रक्रिया को लेकर भी परिवर्तन स्पष्ट दिख रहा है। इस सीजन का करीब 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। इतना ही नहीं, पिछले बकाए में भी 11 हजार करोड़ रुपये किसानों को दिए जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपी के किसान उत्पादन का नया रिकार्ड बना रहे हैं। इनके साथ ही प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार खरीद का भी रिकार्ड तोड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश में लगभग 50 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जबकि पहले की सरकारों में मात्र सात या आठ लाख मीट्रिक टन की ही खरीद होती थी। सरकार ने रबी व खरीफ की 21 फसलों के समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। इन फसलों पर लागत का कम से कम 50 प्रतिशत सीधा लाभ मिले, यह तय किया गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि सभी किसान भाई बहन आजकल बहुत व्यस्त हैं। इस बार भी रिकार्ड उत्पादन होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तो वह जगह है, जहां के मेहनती किसान देश के खाद्यान्न का 20 प्रतिशत उत्पादन करते हैं। इसके लिए मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि कृषि कुंभ के इस मेले में लगभग 200 स्टॉल लगाए गए हैं। जिनमें किसानों को नई तकनीकी की जानकारी दी जा रही है। कृषि से जुड़ी नई मशीनें यहां रखी गई हैं। मुझे विश्वास है कि जो भी किसान यहां आएगा, वह इससे लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा कि यहां आने वालों को उत्पादन बढ़ाने के साथ ही गुणवत्ता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुंभ शब्द जब भी किसी आयोजन के साथ जुड़ता है तो उसका महत्व और भी व्यापक हो जाता है। कुंभ एक तरह से मानवता, विचार व विमर्श का एक अनंत अंतरप्रवाह है। इसी को कृषि कुंभ साकार करेगा। आने वाले तीन दिनों में कृषि को बेहतर बनाने के लिए नया रास्ता खोलेगा। कुछ महीने पहले कृषि उन्नति मेले के दौरान मैंने किसान मेले लगाने की सलाह दी थी।

इसका ही विस्तार कृषि कुम्भ के तौर पर देख रहे हैं। प्रयागराज में लगने वाले कुंभ में अभी कुछ महीने बाकी हैं लेकिन यूपी की धरती पर एक और कुंभ आज से शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग गांवों से करीब 50 हजार किसान तथा देश-विदेश से आए वैज्ञानिक व उद्यमी लखनऊ में आयोजित इस कृषि कुंभ का हिस्सा बने हैं। मैं सभी का अभिवादन करता हूं। इस उत्तम प्रयास के लिए मैं योगी आदित्यनाथ और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं। 

पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने स्वाइल हेल्थ कार्ड की व्यवस्था की

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार ने नई चीनी मिलों को संचालित करने के लिए भी सरकार ने तैयारी कर ली है। नवंबर के प्रथम सप्ताह से गन्ना पेराई की व्यवस्था भी की जा रही है। डेढ़ वर्ष के भीतर प्रदेश में रिकार्ड संख्या में किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड जारी किए गए। इस बार एक लाख 98 हजार रकबे के सिंचन की व्यवस्था भी की गई है। किसानों के सहयोग से उत्तर प्रदेश को फिर से पहले पायदान पर लाकर खड़ा कर सकते हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान को अपने एजेंडे का हिस्सा बनाया था। पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने स्वाइल हेल्थ कार्ड की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादन में उत्तर प्रदेश फिर से नंबर एक हो गया है। हार्टिकल्चर, दुग्ध उत्पादन में भी हम प्रथम स्थान पर हैं। उत्तर प्रदेश में व्यापक संभावनाएं हैं। हर जनपद में एक व बड़े जनपद में दो कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित करने की दिशा में कार्य हो रहा है।

केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को 20 नए कृषि विज्ञान केंद्र स्वीकृत किए हैं। इनमें से कई को क्रियाशील करने की दिशा में हम बढ़ चुके हैं। 23 करोड़ की आबादी वाला प्रदेश अपनी उर्वरा शक्ति के कारण देश व दुनिया में जाना जाता है। यदि किसान को सही जानकारी उपलब्ध हो जाए तो प्रदेश का किसान पूरी दुनिया के लिए अन्न उत्पादन की क्षमता रखता है। इजराइल के सहयोग से हम सेंटर फॉर एक्सीलेंस का उद्घाटन कर रहे हैं। इजराइल से मिली तकनीक का सभी विभाग बेहतर प्रयोग कर किसानों के जीवन में खुशहाली लाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पहली बार उत्तर प्रदेश के अंदर कृषि कुंभ का आयोजन हो रहा है। कुंभ भारत की परंपरा में बहुत ही सात्विक व सांस्कारिक शब्द है जो हमें एकता के सूत्र में बांधता है। 

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