‘ग्लोबल वार्मिंग में तीन फीसद और बढ़ोत्तरी पर एक बड़ी त्रासदी का कारण होगा सागर’

‘ग्लोबल वार्मिंग में तीन फीसद और बढ़ोत्तरी पर एक बड़ी त्रासदी का कारण होगा सागर’

 पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने कहा कि विश्व में पेयजल संकट की वजह से महायुद्ध की आशंका व्यक्त की जा रही है, यह निर्मूल नहीं है। हमने वृक्ष और जल संरक्षण के जरूरी उपाय ही नहीं किए। ग्लोबल वार्मिंग लगातार बढ़ रही है। अगर तीन फीसद बढ़ोतरी और हुई तो सागर बड़ी त्रासदी का कारण बन जाएगा। इसे सिर्फ वृक्ष ही रोक सकते हैं। वे भारतीय विचारक समिति की राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।  

मर्चेंट चैंबर सभागार में शुक्रवार को ‘अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण की दृष्टि में इक्कीसवीं सदी का चिंतनीय विचार बिंदुÓ विषय पर आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक बाजपेयी ने भी जल और वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि एडीजी अविनाश चंद्र, दैनिक जागरण समूह के चेयरमैन योगेंद्र मोहन गुप्त, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी, डॉ. कुमकुम स्वरूप, उद्यमी बलराम नरूला और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के प्रो. मुकेश मोहन थे। संयोजक अलका अस्थाना थीं।

स्वागत भाषण संस्था के रमेश चंद्रा ने दिया, जबकि संचालन सुनीता आर्या ने किया। अपोलो के निदेशक अंशुमान बुधौलिया ने भी विचार रखे। विषय प्रवर्तन डॉ. राकेश शुक्ल ने किया। अंत में डॉ. पीएन कौल को कानपुर गौरव, डॉ. साधना सिंह को इंटेलेक्चुअल ऑफ द ईयर और डॉ. शालिनी त्रिपाठी को संगीत के क्षेत्र में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कई पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।

शालिनी वेद ने सजाई सांस्कृतिक संध्या

लक्ष्मी देवी ललित कला अकादमी की निदेशक एवं गायिका डॉ. शालिनी वेद त्रिपाठी ने सांस्कृतिक संध्या को सुरों से सजाया। पहले पूर्वी दादरा, फिर राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी की गजल को संगीतबद्ध कर सुनाया। इसके बाद भजन सुनाकर माहौल बनाया।

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