केबल में फाल्ट से गुल रही बत्ती, पेयजल संकट

केबल में फाल्ट से गुल रही बत्ती, पेयजल संकट

 स्कूल बस, वैन के ड्राइवरों की करतूतें गाहे बगाहे सामने आती रहती हैं। कभी बच्चियों से बदतमीजी तो कभी मासूमों से बदसलूकी की घटनाओं के बावजूद जिला प्रशासन, पुलिस और स्कूल प्रबंधन ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए।  

जिले में करीब 665 स्कूली वाहन रजिस्टर्ड हैं। हैरत की बात है कि तीन साल से स्कूली वाहन चलाने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों का पुलिस वेरीफिकेशन तक नहीं हुआ। ऐसे में नौनिहालों को स्कूल लाने ले जाने वाला ड्राइवर साइको या फिर नशेड़ी किसी को नहीं पता। यदि कोई ड्राइवर किसी मासूम संग अनहोनी करके भाग जाए तो पुलिस के पास उसका रिकार्ड तक नहीं है। तमाम स्कूल यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि यह अभिभावक और बस संचालक के बीच की बात है। उन्हें वाहनों से मतलब नहीं।

आरटीओ कार्यालय के रिकार्ड को देखे तो जिले में 665 वाहन स्कूल के लिए रजिस्टर्ड हैं, जबकि इससे ज्यादा वाहन अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। गली मुहल्ले में खुले स्कूलों में टेपों, वैन बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही हैं। शहर के बड़े कान्वेंट स्कूलों की बात करें तो प्रबंधन को पता नहीं कि उनके स्कूल से बच्चों को ले जाने वाली सब, वैन का ड्राइवर कौन है। जबकि स्कूलों की जिम्मेदारी है कि पूरा रिकार्ड रख पुलिस से वेरीफिकेशन कराएं। इस लापरवाही में पुलिस भी शामिल है। शहर में तीन साल से स्कूली वाहन चलाने वाले ड्राइवरों का वेरीफिकेशन नहीं हुआ। मतलब पुलिस के पास कोई रिकार्ड नहीं है। जब कोई हादसा होता है तो यातायात पुलिस और आरटीओ की टीम संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाकर वाहनों का चालान कर अपना फर्ज पूरा कर लेती है। प्रमुख घटनाए

शिवकुटी में चालक की छेड़खानी पर छात्रा चलती टेंपो से कूदी थी।

नैनी में वैन चालक ने मासूम से की थी दर्रिदंगी की कोशिश।

सिविल लाइंस में बच्ची से अश्लीलता पर चालक को पीटा गया था।

झूंसी में छात्र से झगड़ा होने पर चालक ने चलती बस से फेंक दिया था। डीआरएम ने पुराने वाहनों को हटाने का दिया निर्देश

प्रयागराज : कुंभ मेला के तहत हो रहे कार्यो का मंडल रेल प्रबंधक अमिताभ ने शनिवार को स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने जंक्शन रेलवे स्टेशन में पड़े पुराने दो पहिया वाहनों को हटाने का निर्देश दिया। साथ ही प्रवेश द्वार को आकर्षक बनाने को कहा। उन्होंने परिसर में रखे स्टीम इंजन को कुंभ मेला के समय परिचालित करने का निर्देश दिया। कहा कि इससे परिसर की सुंदरता व आकर्षण बढ़ेगा। वहीं निर्माणाधीन प्लेटफार्म नंबर 11 के प्रवेश द्वार की ऊंचाई बढ़ाने का निर्देश दिया, जिससे यात्रियों को दिक्कत न हो।

डीआरएम ने परेड ग्राउंड में लगाई जाने वाली प्रदर्शनी की तैयारियों का निरीक्षण किया। वहां फोर्ट रोड एवं त्रिवेणी रोड पर अनारक्षित काउंटर, आरक्षण काउंटर एवं पूछताछ काउंटर की उद्घोषणा प्रणाली एट्रेन टाइमिंग डिस्प्ले, बोर्ड तथा अलग-अलग दिशाओं में जाने वाली गाड़ियों के बोर्ड जल्द लगाने को कहा। वहीं यमुना ब्रिज का निरीक्षण करके उसमें लाइट लगाने को कहा, बोले इससे ब्रिज की खूबसूरती बढ़ेगी। छिवकी स्टेशन में चल रहे निर्माण कार्य को देखकर उन्होंने कहा कि सबकुछ तय समयसीमा में पूरा होना चाहिए। इस दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक अनिल द्विवेदी, इनामुल हक, अतुल गुप्त, नीरज यादव, पीके यादव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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