इंडोनेशिया विमान हादसा: शवों के अवशेष मिले, भारतीय पायलट का परिवार दुखी

इंडोनेशिया विमान हादसा: शवों के अवशेष मिले, भारतीय पायलट का परिवार दुखी

 इंडोनेशियाई एयरलाइंस लॉयन एयर के बोइंग विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राहत एवं बचाव अभियान में जुटे कर्मियों को सोमवार को जावा सागर में मानव अवशेष, विमान का मलबा और यात्रियों के निजी सामान मिले हैं. इस हादसे में विमान में सवार सभी 189 लोगों की मौत हो गई थी. इस विमान को उड़ा रहे भारतीय पायलट भव्‍य सुनेजा की मौत पर उनके परिजन काफी दुखी हैं.

यात्रियों के परिजनों ने हवाई अड्डों पर राहत केन्द्रों पर एकत्र होकर अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया. हालांकि, एक शीर्ष राहत अधिकारी ने बरामद अवशेषों की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि किसी के जीवित बचने की उम्मीद नहीं है. राष्ट्रपति जोको विडोडो ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं और इंडोनेशियाई जनता से ‘‘प्रार्थना करने का’’ अनुरोध किया.

इंडोनेशिया में क्रैश हुए विमान को उड़ा रहे थे दिल्'€à¤²à¥€ के मयूर विहार निवासी कैप्'€à¤Ÿà¤¨ भाव्ये सुनेजा

वहीं इस विमान को उड़ा रहे भारतीय पायलट भव्य सुनेजा का परिवार यहां अपने मकान पर दिवाली पर उनके लौटने का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहा था लेकिन सोमवार को उनके इस इंतजार का हमेशा हमेशा के लिए त्रासदपूर्ण अंत हुआ. 

भव्‍य सुनेजा (31) सोमवार को लॉयन एयर फ्लाईट जेटी610 को उड़ा रहे थे लेकिन इंडोनेशिया के एक हवाई अड्डे से उड़ान भरने के 13 मिनट बाद ही विमान का संपर्क टूट गया और वह जावा समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसी के साथ अब उनके कभी घर न लौट पाने से भव्‍य के परिवार वाले और पड़ोसियों के बीच शोक की लहर है.

भव्‍य सुनेजा के परिवार ने जब टेलीविजन पर यह समाचार देखा कि जिस विमान को भव्य उड़ा रहे थे, वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया, उसे यकीन ही नहीं हुआ. उनकी मां संगीता सुनेजा की आंखें डबडबा गईं. दिल्‍ली के मयूर विहार में अपने घर के बाहर जमा मीडियाकर्मियों से उन्होंने हाथ जोड़कर अनुरोध किया ‘कृपया, हमारे लिए प्रार्थना कीजिए.’

पड़ोसियों को बरबस 31 वर्षीय वह ‘अच्छा लड़का’ याद आता है. उन्होंने उसे बड़े होते हुए देखा और वे उनकी आकस्मिक मौत से सन्न थे. परिवार के पड़ोसी पीके सिन्हा ने कहा, ‘‘मेरी बेटी ने स्कूल में भव्य के साथ पढ़ाई की थी. आज उसने दुबई से फोन कर कहा कि ‘भव्य मर गया’ और वह सकते में आ गई.’’

उन्होंने कहा, ‘‘भव्य के पिता हिम्मत से काम ले रहे हैं और रो नहीं रहे हैं लेकिन हम जानते हैं कि वह (किस दर्द से) गुजर रहे हैं.’’ सिन्हा ने कहा कि भव्य हर साल दिवाली में घर आता था और इस साल भी वह आने वाला था.

मयूर विहार के एहल्कोन पब्लिक स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बार भव्य ने 2009 में फ्लाईंग लाईसेंस हासिल किया था. उनके पिता गुलशन सुखेजा चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं और मां संगीता एयर इंडिया में मैनेजर थीं. भव्य ने 2016 में शादी की और वह पत्नी गरिमा सेठी के साथ जकार्ता में बस गए.

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