दिल्ली मेट्रो के सबसे हाईटेक रूट शिव विहार-त्रिलोकपुरी का उद्घाटन, दो बजे से करें सफर

दिल्ली मेट्रो के सबसे हाईटेक रूट शिव विहार-त्रिलोकपुरी का उद्घाटन, दो बजे से करें सफर

 दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को बुधवार को एक और मेट्रो रूट शिव विहार- त्रिलोकपुरी का तोहफा मिल गया है।बुधवार सुबह केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मेट्रो भवन से इस रूट को झंडी दिखाई। उद्घाटन के बाद दोपहर दो बजे से यात्री सफर कर सकेंगे। 

इस लाइन के खुलने के बाद दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 313.86 किलोमीटर लंबा हो गया है। इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो दुनिया के दस सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में शामिल हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो के लिए ये बहुत बड़ी कामयाबी है। इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो ने एक विश्व रिकॉर्ड भी कायम किया है। दिल्ली मेट्रो का ये नया रूट अपने डिजाइन व अन्य खूबियों की वजह से सबसे अनोखा है।

मेट्रो की ये लाइन त्रिलोकपुरी संजय झील से लेकर शिव विहार मेट्रो स्टेशन तक है। ये मेट्रो की पिंक लाइन है। डीएमआरसी प्रवक्ता के अनुसार, मेट्रो का ये रूट 17.86 किलोमीटर लंबा है। इस रूट पर कुल 15 मेट्रो स्टेशन हैं। ये पूरा रूट और इसके सभी स्टेशन एलिवेटेड हैं।

दिल्ली मेट्रो के अनुसार जिस तेजी से अन्य नई लाइनों के निर्माण का कार्य चल रहा है और उसके बाद भी योजनाएं प्रस्तावित हैं। उससे साफ है कि दिल्ली मेट्रो एक दिन दुनिया के तीन सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में शामिल हो सकती है।

ये स्टेशन होंगे इस रूट परः त्रिलोकपुरी संजय झील, पूर्वी विनोद नगर-मयूर विहार दो, मंडावली-पश्चिमी विनोद नगर, आइपी एक्सटेंशन, आनंद विहार आइएसबीटी, कड़कड़डूमा, कड़कड़डूमा कोर्ट, कृष्णा नगर, पूर्वी आजाद नगर, वेलकम, जाफराबाद, मौजपुर-बदरपुर, गोकुलपुरी, जोहरी एनक्लेव और शिव विहार।

इस रूट पर तीन इंटरचेंज होंगे
मेट्रो के इस रूट की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इस पर तीन इंटरचेंज होंगे। पहला इंटरचेंज आनंद विहार (ब्लू लाइन), कड़कड़डूमा (ब्लू लाइन) और वेलकम (रेड लाइन) होगा। मेट्रो का ये रूट पिंक लाइन, ब्लू लाइन लाइन और रेड लाइन को जोड़ने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

सबसे घुमावदार है ये ट्रैक
यही नहीं मेट्रो का यह सबसे ज्यादा घुमावदार कॉरिडोर भी है। मेट्रो के 17.86 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 10 तीक्ष्ण मोड़ हैं। खास बात यह कि इस कॉरिडोर पर तीन लूप में मेट्रो का परिचालन किया जाएगा। जाहिर है कि शिव विहार से त्रिलोकपुरी के लिए सीधी मेट्रो नहीं मिलेगी, मौजपुर में मेट्रो बदलनी पड़ेगी। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) का दावा है कि 35-38 मिनट में यह सफर पूरा हो सकेगा। इस पर कुल 13 ट्रेनों का परिचालन होगा।

ये होगी परिचालन की व्यवस्था
इस रूट के पहले लूप शिव विहार-मौजपुर शिव विहार से त्रिलोकपुरी के बीच आवागमन के लिए यात्रियों को मौजपुर में मेट्रो बदलनी पड़ेगी। शिव विहार से मौजपुर के बीच चार स्टेशन हैं। इस सेक्शन पर तीन मेट्रो ट्रेनें 5:12 मिनट के अंतर से चलेंगी। शिव विहार से चलने वाली मेट्रो मौजपुर से वापस हो जाएगी। यहां से आइपी एक्सटेंशन व त्रिलोकपुरी के लिए सीधी मेट्रो मिलेगी। दूसरा लूप- मौजपुर से आइपी एक्सटेंशन मौजपुर से आइपी एक्सटेंशन के बीच 10 ट्रेने चलेंगी। यहां भी 5:12 मिनट के अंतराल पर म्रेटो का परिचालन किया जाएगा।

तीसरे लूप में सिंगल लाइन पर होगा परिचालन
तीसरा लूप आइपी एक्सटेंशन-त्रिलोकपुरी है। इस लूप में सिंगल लाइन पर मेट्रो का परिचालन होगा । यहां 15:36 मिनट के अंतराल पर मेट्रो चलेगी। मौजपुर से आइपी एक्सटेंशन की ओर जाने वाली हर तीसरी मेट्रो सीधे त्रिलोकपुरी जाएगी।

जमीन विवाद के कारण परेशानी
पिंक लाइन (शिव विहार-मजलिस पार्क) की कुल लंबाई 58.59 किलोमीटर है। इस कॉरिडोर पर मयूर विहार पॉकेट-1 से त्रिलोकपुरी के बीच जमीन विवाद के कारण मेट्रो लाइन का निर्माण नहीं हो सका है। इसलिए मेट्रो ट्रेनें त्रिलोकपुरी से आगे नहीं बढ़ पाएंगी।

दूसरा सबसे ऊंचा स्टेशन है इस रूट पर
कड़कड़डूमा में 21 मीटर की ऊंचाई पर मेट्रो स्टेशन बना है। यह दिल्ली मेट्रो का दूसरा सबसे ऊंचा एलिवेटेड स्टेशन है। धौला कुआं के पास पिंक लाइन कॉरिडोर की ऊंचाई सबसे ज्यादा, 23 मीटर है।

यात्रियों का बचेगा किराया
ये कॉरीडोर शुरू होने के साथ ही यात्रियों का किराया भी बचेगा। अब दिलशाद गार्डन से आनंद विहार जाने के लिए यात्रियों को केवल 30 रुपये खर्च करने होंगे। अभी तक यात्रियों को कश्मीरी गेट व राजीव चौक स्टेशन पर मेट्रो बदलकर आनंद विहार जाने के लिए 50 रुपये देना पड़ता था।

रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म के ऊपर से गुजरेगी मेट्रो
आनंद विहार में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म के ऊपर से मेट्रो कॉरिडोर गुजर रहा है। डीएमआरसी के अनुसार इस कॉरिडोर के छह पिलर रेलवे के क्षेत्र में बनाए गए हैं। इसमें से दो पिलर प्लेटफार्म पर बने हैं। स्टेशन के पास रेलवे के क्षेत्र में मेट्रो एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण में 37 मीटर से लेकर 70 मीटर लंबाई के पांच स्पैन इस्तेमाल किए गए हैं।

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