मध्यप्रदेेश में आगामी चुनावों के चलते इस समय सभी पार्टियां एक जैसी समस्याओं का सामना कर रही हैं

मध्यप्रदेेश में आगामी चुनावों के चलते इस समय सभी पार्टियां एक जैसी समस्याओं का सामना कर रही हैं

टिकट वितरण का. प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तारीख तय होने से पहले ही भाजपा के कई बड़े नेताओं ने अपनी जगह अपने बेटे-बहू के लिए टिकट की मांग रखी थी, जिनमें भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का नाम भी शामिल है. बता दें कुछ दिनों पहले ही  पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इस पार्टी के समक्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में खुद की जगह अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय के लिए इंदौर की किसी भी विधानसभा सीट से टिकट की मांग रखी थी, जिस पर पार्टी विचार कर रही है कि टिकट कैलाश विजयवर्गीय को दी जाए या उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय को.

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इंदौर की किसी भी विधानसभा सीट से टिकट
 

बता दें विजयवर्गीय इससे पहले भी अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय को चुनावी मैदान में उतारने की अपनी मंशा जाहिर कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने बेटे आकाश को योग्य बताकर टिकट दिए जाने की बात कही थी. विजयवर्गीय ने अपने बयान में कहा था कि ‘नेता पुत्र होना कोई बुरी बात नहीं है, जो योग्य है उसे टिकट जरूर मिलना चाहिए. चुनाव आयोग निष्पक्ष काम कर रहा है, जो निर्देश चुनाव आयोग देगा उसका पालन होगा.’ 

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2 नवंबर को प्रत्याशियों की सूची जारी होगी
बता दें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व पार्टी के अन्य बड़े नेताओं ने कुछ दिन पहले ही पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के साथ मीटिंग में हिस्सा लिया था. जिसमें प्रत्याशियों के नाम पर चर्चा की गई थी. जिसकी बदौलत 80 फीसदी सीटों पर भाजपा की ओर से सिंगल नाम दिए गए थे. वहीं भाजपा अधिकारियों ने साफ किया है कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ही इस बात का निर्णय करेंगे कि इस बार विजयवर्गीय को चुनाव टिकट दिया जाएगा या उनके बेटे को. वहीं पार्टी इस बार कुछ सांसदों को भी विधानसभा चुनाव में उतारने की तैयारी में है. इसके लिए भाजपा ने 10 सांसदों की लिस्ट भी तैयार की है, लेकिन इनमें अभी कटौती की आशंका है.

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CM शिवराज बुधनी से भरेंगे नामांकन

बता दें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नवंबर 5 को बुधनी से नामांकन भरेंगे. जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि तब तक भाजपा सभी 230 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर सकती है. बता दें भारतीय जनता पार्टी इस बार ऐसे नामों पर विचार कर रही है जो जातिगत समीकरण पर फिट बैठते हैं और जिताऊ हैं. वहीं पार्टी ऐसे नामों को भी इस बार के विधानसभा चुनाव में मौका दे सकती है जिनका जनाधार अच्छा हो और क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता हो.

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