पटना में छूट की ‘लूट’ पर ग्राहक हुए फिदा, बिहार में धनतेरस पर खूब ‘बिका’ बाजार

पटना में छूट की ‘लूट’ पर ग्राहक हुए फिदा, बिहार में धनतेरस पर खूब ‘बिका’ बाजार

धनतेरस की रौनक की चकाचौंध देख महंगाई पीछे हट गई। बाजार का हिट फार्मूला ‘छूट की लूट’ पर ग्राहक फिदा रहे। भीड़ जुटाने में ज्वैलरी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, बाइक,  कार, फर्नीचर और मोबाइल बाजार आगे रहे। धनतेरस पर फर्नीचर खरीदने का भी चलन भी जोर पकड़ चुका  चुका है। रियल एस्टेट की गति बढ़ाने में भी धनतेरस सहायक साबित हुआ है। इन आठ प्रमुख सेगमेंट में बिहार में 1710 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

सिर्फ पटना की बात करें तो इन सात सेगमेंट में करीब 597 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। धनतेरस पर ऑफरों की भी धूम रही। छूट की लूट का स्लोगन बाजार में लहराता रहा। इसका असर भी दिखाई दिया। वैसे कुछ बाजारों को कारोबार थोड़ा और ज्यादा होने की उम्मीद थी। 

 खरीदारी करने के लिए भीड़ निकली तो शहर ठहर सा गया। सुबह दस बजे के बाद से ही बाजार में भीड़ बढऩे लगी तो देर रात तक गहमागहमी बनी रही। दोपहर में बोङ्क्षरग रोड, बेली रोड, अशोक राजपथ, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर सहित प्रमुख सड़कें जाम से कराहने लगीं।

धनतेरस का बाजार सड़क तक पसर चुका था और दर-मोल के बीच जल्दी कीजिए, देर हो रही है, से गूंजता रहा। कार, बाइक, ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, बर्तन, फर्नीचर और रियल एस्टेट में सर्वाधिक कारोबार हुआ। इन आठ प्रमुख सेक्टरों में बिहार में 1710 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया जा रहा है। सिर्फ पटना की बात करें तो करीब 597 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। 

कार बाजार की बढ़ी रौनक

कारों का बाजार कांपैक्ट सेगमेंट के बूते मद्धिम से तेज हो गया। महंगी गाडिय़ों के कद्रदान भी कम नहींं थे। बुद्धा टोयोटा के कार्पोरेट हेड राजन ने कहा कि धनतेरस पर 28 गाडिय़ों की बिक्री हुई। फॉर्च्यूनर की कीमत 39.5 लाख रुपये है। 24.5 लाख रुपये वाली इनोवा के 54 और साढ़े आठ लाख रुपये वाली इटियोस के भी आठ कद्रदान आए।

जानकारों का कहना है कि बिहार में करीब 4000 कारों की बिक्री हुई है। इनकी कीमत लगभग 200 करोड़ रुपये है। सिर्फ पटना में लगभग 2000 कारें बिकीं हैं। इनकी अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपये होती है। 

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