दीपावली के जश्न में रखें सेहत का ख्याल, बरतें ये सावधानियां

दीपावली के जश्न में रखें सेहत का ख्याल, बरतें ये सावधानियां

दीपावली पर पटाखों के धुएं और कानफोड़ू शोर से बचे रहने के साथ ही उल्टा-सीधा खाने से बचना भी जरूरी है। ऐसा न हो कि लजीज व्यंजनों का लुत्फ अधिक उठाने के चक्कर में तबीयत बिगड़ जाए। 

दीपावली के दौरान तले हुए मसालेदार भोजन और मिठाइयों का इस्तेमाल बढ़ जाता है, जिससे पाचन-तंत्र से संबंधित कई समस्याएं हो सकती हैं। पेट की अंदरूनी सतह पर सूजन आ जाती है, कब्ज और एसिडिटी की समस्या हो जाती है। अधिक मात्रा में मिठाइयां खाने से लूज मोशन और पेट दर्द की समस्या हो सकती है। 

कई तरह की चीजें एक साथ खाने से पेट में खिंचाव और दर्द की शिकायत हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेट का एसिड छाती की तंत्रिकाओं को ट्रिगर कर श्वास नलियों को संकुचित कर देता है। इससे अस्थमा अटैक का खतरा और बढ़ जाता है। 

वरिष्ठ गेस्ट्रो सर्जन डॉ. विपुल कंडवाल के अनुसार दीपावली पर मौसम में भी काफी हद तक बदलाव आ जाता है, जिस कारण जल्दी से या बहुत अधिक प्यास नहीं लगती। लेकिन, त्योहार के इस अवसर पर हाइड्रोजन लेवल को मेंटेन करना बेहद जरूरी है। इसका एक फायदा यह होता है कि जब आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हैं तो आपका पेट भरा रहता है और आप बहुत अधिक व अतिरिक्त कैलोरी लेने से बच जाते हैं। वैसे खाद्य या पेय पदार्थों का चयन करते समय भी हेल्दी ऑप्शन को ही प्राथमिकता दें। 

ऐसे बचें 

– दिन की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी से करें। इसमें आधा चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू का रस भी मिला लें।

खाने में सलाद, दही, छाछ, सूप जरूर लें। 

–  तले-भुने भोजन का सेवन कम करें। 

 शाम के स्नैक्स में चाय, कॉफी या तला-भुना खाने की बजाय एक केला खा लें, इससे एसिडिटी से बचे रहेंगे। 

– अपना नियमित वर्कआउट न छोड़ें। 

इमरजेंसी में तैनात रहेंगे डॉक्टर 

दीपावली की रात दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय की इमरजेंसी में सभी विभागों के डॉक्टर मौजूद रहेंगे। चिकित्साधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि रात आठ से 10 बजे तक पटाखे छुड़ाने का समय है। इसी के मद्देनजर एहतियात के तौर पर हड्डी, नेत्र, सर्जरी के डॉक्टरों समेत फिजीशयन की रात आठ से 12 बजे तक ड्यूटी लगाई गई है। सभी विभागों के विभागाध्यक्ष को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं,  रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी लैब भी खुली रहेगी। रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजिस्ट को भी रात में ड्यूटी पर तैनात रहने के लिए कहा गया है। 

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