पिछले साल की तरह इस बार फिर अयोध्या में भव्य दिवाली मनाई जा रही है. अयोध्या आज 3 लाख दियों से जगमगाएगी, इस भव्य आयोजन की साक्षी दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला भी होंगी.

इस बार की दिवाली कुछ खास होने वाली है. राम की नगरी अयोध्या दीपों के इस त्योहार को बड़ी धूमधाम से मनाने जा रही है. इस शानदार आयोजन को देखने के लिए दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला किम जुंग-सूक भी अयोध्या में मौजूद रहेंगी.

मंगलवार की शाम को जब अयोध्या3 लाख से अधिक दीपकों से जगमगाएगी और शोभायात्रा निकाली जाएगी तो पूरी दुनिया की नज़र अयोध्या पर ही होगी. इसके अलावा भी आज कई भव्य कार्यक्रम ऐसे होने जा रहे हैं, जिनसे इस बार की दिवाली खास होने वाली है.

अयोध्या की दिवाली इस बार त्रेतायुग जैसी होगी, जब पूरे शहर को सजा दिया गया है. शहर का चप्पा-चप्पा दीपकों से जगमगा रहा है, जिसका दीदार पूरी दुनिया करेगी.

मंगलवार को क्या कार्यक्रम होंगे खास?

दोपहर 3 से 3.15 बजे- सुदर्शन पटनायक की बनाई राम की बालू की प्रतिमा का यूपी के सीएम आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाईक, दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला सूक राम बाजार में अनावरण करेंगे.

3.15 से 4 बजे – दक्षिण कोरिया की क्वीन हूह के मेमोरियल की आधारशिला रखी जाएगी.

4 से 4.30 बजे – राम और सीता की भूमिका निभा रहे कलाकार हेलिकॉप्टर से उतरेंगे. सीएम और गणमान्य लोग उनका स्वागत करेंगे.

4.30 से 6.00 बजे- राम कथा पार्क में मुख्य समारोह का आयोजन होगा

6.15 से 6.45 बजे- सरयू घाट पर आरती होगी.

6.45 से 7.30 बजे- राम की पैड़ी पर 3 लाख दीए जलाए जाएंगे. दीए जलाने का ये रिकॉर्ड गिनीज बुक में भी दर्ज हो सकता है.

7.30 से 7.45 बजे- राम की पैड़ी पर वाटर शो.

7.45 से 8 बजे- रामलीला में भाग ले रहे कलाकारों का सम्मान होगा.

8.00 से 8.15 बजे- पटाखेबाजी

8.30 से 10.30 बजे – इंडोनेशिया, रूस, ट्रिनिडाड के कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे. इसके बाद कोरिया के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे.

बनेगी राम की मूर्ति?

राम मंदिर को लेकर सीएम क्या घोषणा करने वाले हैं, इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है. कयास लगाए जा रहे हैं कि राम मंदिर के बारे में कोई घोषणा हो सकती है. दूसरी ओर ,कहा जा रहा है कि योगी की योजना बाहर आ चुकी है.

अयोध्या में सरयू के किनारे 151 मीटर ऊंची भगवान राम की तांबे की मूर्ति बनवाने की घोषणा योगी करने वाले हैं. इतना तो तय है कि योगी जो भी घोषणा करेंगे उसका समर्थन और विरोध होना तय है. क्योंकि संतों ने पहले ही ऐलान कर रखा है कि उन्हें ऊंची प्रतिमा नहीं राम मंदिर चाहिए.

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