नोटबंदी की दूसरी सालगिरह पर बोले जेटली- बस कैश ज़ब्त करना नहीं था मक़सद

नोटबंदी की दूसरी सालगिरह पर बोले जेटली- बस कैश ज़ब्त करना नहीं था मक़सद

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी के समर्थन में एक ब्लॉग लिखा है. जेटली के मुताबिक नोटबंदी के बाद ब्लैक मनी पर लगाम लगी है साथ ही टैक्स का दायरा भी बढ़ा है.

नोट बन्दी को आज दो साल पूरे हो गए हैं. आज ही के दिन साल 2016 में एक हज़ार और पांच सौ के नोटों के चलन को रातोंरात बंद कर दिया गया था. इस मौके पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी के समर्थन में एक ब्लॉग लिखा है. जेटली के मुताबिक, नोटबंदी से ब्लैक मनी पर लगाम लगी है साथ ही टैक्स का दायरा भी बढ़ा है. उन्होंने लिखा है, ‘नोटबंदी सरकार के अहम फैसलों की एक कड़ी है जो अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए ज़रूरी है’.

जेटली के मुताबिक, नोटबंदी के बाद टैक्स चोरी करना मुश्किल हो गया है. उन्होंने लिखा है, ‘नोटबंदी की लोग ये कहते हुए आलोचना कर रहे हैं कि लगभग सारा कैश बैंकों में वापस आ गया. लेकिन नोटबंदी के सहारे हमारा मकसद सिर्फ कैश को ज़ब्त करना नहीं था. हम चाह रहे थे कि लोग टैक्स के दायरे में आए. हमें कैशलेस इकॉनमी से डिजिटल लेन-देन की दुनिया में आना था. नोटबंदी से ज़्यादा टैक्स रेवेन्यू जमा करने और टैक्स बेस को बढ़ाने में मदद मिल रही है.

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