यह अमेरिकी महिला गा रही हैं छठ के गीत, विदेश तक पहुंची महापर्व की महिमा

यह अमेरिकी महिला गा रही हैं छठ के गीत, विदेश तक पहुंची महापर्व की महिमा

एक जमाना था जब छठ महापर्व के गीत बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सीमित थे, लेकिन प्रवासी बिहारियों और पूर्वांचलवालियों की संख्या ने इसे देश और विदेश तक पहुंचा दिया है. आलम ये है कि अब छठ के गीत सात समंदर पार यूरोप और अमेरिका के लोगों को भी आकर्षित करने लगे हैं. हम आपको मिलवाते हैं फ्लोरिडा की रहने वाली क्रिस्टिन गेजो विश से, जिन्होंने खास जी मीडिया के लिए कुछ खूबसूरत छठ गीत गाए हैं. क्रिस्टिन स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क से जनजातीय संगीत शास्त्र की पढ़ाई कर चुकी हैं. इसी क्रम में उन्होंने दुनिया के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया.

इस क्रम में वह भारत भी आईं थीं. यहां उन्हें छठ महापर्व ने काफी आकर्षित किया. क्रिस्टिन ने सबसे पहले दीपावली के गीत गाए थे, फिर उन्हें उनके एक भारतीय दोस्त ने छठ महापर्व और छठ गीतों के बारे में बताया. छठ पर्व और उसके गानों ने क्रिस्टिन को इतना आकर्षित किया कि उन्होंने छठ के गानों को अपनी आवाज देने का फैसला लिया. जिसके लिए भारतीय दोस्त ने उन्हें काफी मदद की.

10 वर्ष पहले पहली बार भारत आई थी क्रिस्टिन

जी मीडिया से बात करते हुए क्रिस्टिन बताती हैं कि लगभग दस वर्ष पहले वह अपने पति रॉन विश के साथ भारत आई थी. दोनों लगभग एक महीना तक भारत में रुके. इस दौरान उन्होंने नई दिल्ली, वाराणसी और जयपुर की यात्रा भी की. क्रिस्टिन को वाराणसी काफी पसंद आया. वह इस वर्ष सिलचर और कोलकाता भी गई थी, जहां उन्होंने ऑर्ट फेस्टिवल में हिस्सा लिया.

छठ पूजा से काफी आकर्षित हैं क्रिस्टिन

क्रिस्टिन बताती हैं कि उन्हें भारतीय त्योहार काफी भाते हैं. उनका कहना है कि यहां के प्रत्येक त्योहार की अपनी एक महत्ता है. भारतीय त्योहार लोगों को जोड़ने का काम करती है. छठ पूजा के बारे में उन्होंने बताया कि यह उनके लिए काफी महत्व रखता है, क्योंकि वह सूर्य के साथ एक आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस करती हैं. दुनिया के कई देशों में अलग-अलग तरीके से सूर्य की उपासना की जाती है. क्रीस्टिन कहती हैं, ‘छठ पूजा में एक सार्वभौमिक तत्व मौजूद है, जो कई लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है.’

पंडित जसराज को मानती हैं बड़े गुरुजी

क्रिस्टिन लगभग 14 वर्षों से उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत सीख रही हैं. वह पंडित जसराज को बड़े गुरुजी मानती हैं. उन्होंने हमें बताया, ‘बीते वर्ष उनके एक भारतीय दोस्त ने जब उनकी दीपावली गीत को सुना तो उन्होंने मुझे छठ का गीत गाने की सलाह दी. सबसे पहले मैंने ”कांचे रे बांस के बहंगिया” गाने को गाया, जिसे सीखने में भारतीय दोस्त ने मेरी काफी मदद की.’ क्रिस्टिन के मुताबिक, उस भारतीय दोस्त की मां ने उनके लिए गाना गाया, जिससे उन्होंने गानों का बोल सीखा. क्रिस्टिन छठ गीत से इतनी प्रभावित हुईं कि अपने एक अन्य भारतीय दोस्त की सलाह पर उन्होंने ”केलवा के पात पर” गाना भी गाया. जो इन दिनों सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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