बदलेगा दिल्‍ली का नजारा, पहली बार एक ही पिलर पर फ्लाईओवर व मेट्रो ट्रैक

बदलेगा दिल्‍ली का नजारा, पहली बार एक ही पिलर पर फ्लाईओवर व मेट्रो ट्रैक

 राजधानी में निर्माण तकनीक का एक और नया मॉडल दिखाई देगा। दक्षिणी दिल्ली में महरौली-बदरपुर रोड पर दिल्ली सरकार साढ़े पांच किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाएगी। इसके नीचे के भाग में फ्लाईओवर होगा और ऊपर के भाग में मेट्रो ट्रैक बनेगा। दिल्ली में इस तरह का यह पहला प्रयोग होगा। देश में केवल नागपुर में इस तरह का कॉरिडोर निर्माणाधीन है।

सिंगल पिलर तकनीक पर योजना

योजना के तहत पूरा कॉरिडोर सिंगल पिलर तकनीक पर बनेगा। यह कॉरिडोर महरौली की तरफ से इग्नू रोड टी-प्वाइंट से शुरू होगा और बदरपुर की तरफ गुरु रविदास मार्ग तक पूरा होगा। इस योजना के तहत मेट्रो के फेज-चार के प्रस्तावित ट्रैक को जोड़ा जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने योजना का विस्तार से अध्ययन कराकर रिपोर्ट यूटिपेक (यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर, प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सेंटर) को सौंप दी है।

किस लालबत्ती पर वाहनों का कितना है दबाव

साकेत मंदिर मार्ग पर व्यस्त समय में सुबह के समय 3941 कारें प्रति घंटे और शाम को व्यस्त समय में 5627 कारें प्रति घंटे का दबाव रहता है। लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर सुबह के समय 6230 कारें और शाम के समय व्यस्त समय में 4769 कारें प्रति घंटा चलती हैं। वहीं, गुरु रविदास मार्ग पर सुबह के समय 4769 कारें प्रति घंटे और शाम के समय 4248 कारें चलती हैं।

लंबे समय से प्रयासरत थी दिल्ली सरकार

आम आदमी पार्टी की सरकार इस रोड को सिग्नल फ्री किए जाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही है। सत्ता में आने के बाद क्षेत्र के विधायकों की मांग पर लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन ने महरौली-बदरपुर रोड को सिग्नल फ्री किए जाने के लिए योजना बनाने के लिए कहा था। विभाग इसके लिए संभावनाएं तलाश रहा था। इसके तहत ही यह योजना अस्तित्व में आई है।

चार सिग्नल हो जाएंगे फ्री

इग्नू रोड से गुरु रविदास मार्ग तक साढ़े पांच किमी में चार लालबत्तियां पड़ती हैं। इनमें इग्नू रोड लालबत्ती, मंदिर मार्ग लालबत्ती, लाल बहादुर शास्त्री पार्क व गुरु रविदास मार्क लालबत्ती शामिल हैं। फ्लाईओवर बनने से ये सिग्नल फ्री हो जाएंगे।

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