फिजी में समुद्र के अंदर आया 6.7 तीव्रता का भूकंप

फिजी में समुद्र के अंदर आया 6.7 तीव्रता का भूकंप

फिजी के समुद्री इलाके में सोमवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया. अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग के अनुसार भूकंप काफी गहराई में आने के कारण तीव्रता अधिक होने के बावजूद कोई नुकसान नहीं हुआ है. हालांकि लोगों को एहतियातन सतर्क रहने को कहा गया है.

राजधानी सुवा से करीब 283 किलोमीटर पूर्व में भूकंप का केन्द्र 534 किलोमीटर की गहराई में था. सुवा के निवासियों का कहना है कि उन्हें झटका महसूस नहीं हुआ. प्रशांत सुनामी चेतावनी केन्द्र का कहना है कि स्थानीय समयानुसार सुबह नौ बजकर 25 मिनट पर आए इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है. इस इलाके में अक्सर समुद्र के भीतर भूकंप आते रहते हैं. दो महीने पहले ही 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था.

बता दें फिजी में 19 अगस्‍त को भी 8.2 की तीव्रता वाले भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे. अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने बताया था कि यहां सुनामी की कोई आशंका नहीं है क्योंकि भूकंप का केंद्र धरती में काफी गहराई पर था. इससे किसी तरह के नुकसान की तत्काल कोई सूचना नहीं है.

अमेरिकी भूकंप वैज्ञानिक ने बताया कि भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजकर 19 मिनट पर आया था. इसका केंद्र राजधानी सूवा से 361 किलोमीटर (224 मील) पूर्व में, 559 किलोमीटर की गहराई पर था. हवाई के प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा कि वहां ‘‘सुनामी का कोई खतरा नहीं है क्योंकि भूकंप का केंद्र पृथ्वी में काफी गहराई पर था.’’

वहीं 11 अक्‍टूबर को पापुआ न्यू गिनी के न्यू ब्रिटेन द्वीप पर 7.0 तीव्रता का भूकंप का तगड़ा झटका महसूस किया गया था, जिसके चलते सुनामी की चेतावनी जारी करनी पड़ी थी. प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने बताया था कि कुछ तटों पर सुनामी की भयंकर लहरें उठने का अनुमान है.

उसने कहा था कि ऐसा अनुमान है कि पीएनजी और सोलोमन द्वीपों के तट पर 0.3 मीटर (एक फुट) से कम की सुनामी की लहरें उठेंगी. देश के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि अभी किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन किसी बड़े भूकंप के बाद ऐसी खबरें आने में कुछ वक्त लगता है.

अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र न्यू ब्रिटेन द्वीप पर किम्बे शहर से करीब 125 किलोमीटर पूर्व में स्थित था. भूकंप की गहराई जमीन से करीब 40 किलोमीटर नीचे थी. बड़ा भूकंप आने से तुरंत पहले और बाद में दो छोटे झटके महसूस किए गए.

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