संपत्ति के लालच में बेटी ने ही खत्म करवा दिया चंदेल वंश का रजवाड़ा परिवा

संपत्ति के लालच में बेटी ने ही खत्म करवा दिया चंदेल वंश का रजवाड़ा परिवा

जमीन और जायदाद के लिए जब अपने ही अपनों के कातिल हो जाते हैं तो रिश्‍तों की मर्यादा को काफी ठेस पहु्ंचती है। यह हर किसी के सामने खड़ा होने वाला सवाल है कि आखिर कोई बेटी अपनी ही मां और तीन बच्‍चों को कैसे मौत के घाट उतरवा सकती है। वह भी महज संपत्ति के लिए। समाज का यह एक ऐसा घिनौना सच है जिसकी बानगी पंचकुला के खटौली गांव में देखने को मिली। जहां चंदेल रजवाड़े परिवार की बुजुर्ग महिला राजबाला, उनकी दो पौत्रों और एक पौत्री की हत्या इसी लालच में करवा दी गई।

चंदेल वंश का गौरवशाली इतिहास
आगे बढ़ने से पहले आपको बता दें कि भारत में चंदेल वंश का गौरवशाली इतिहास रहा है। 8वीं से 12वीं शताब्दी तक यमुना और नर्मदा के बीच, बुंदेलखंड तथा उत्तर प्रदेश के दक्षिणी-पश्चिमी भाग पर राज किया था। वह न केवल महान विजेता थे ब‍ल्कि सफल शासक भी थे। उनका योगदान भारतीय इतिहास में अतुलनीय रहा है। उनकी वास्तुकला तथा मूर्तिकला का अदभुत उदाहरण खजुराहो के मंदिर के रूप में हमें दिखाई देता है। लेकिन इसी वंश का ऐसा हष्र होगा और ये दिन भी इस वंश के लोगों को देखने को मिलेगा यह किसी ने कभी नहीं सोचा होगा।

महिला ने कबूला अपना गुनाह 

आपको बता दें कि इस मामले में आरोपी बनाई गई महिला ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसको बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसके मुताबिक उसने यह हत्‍या संपत्ति के लालच में करवाई थी और इसके लिए उसने सुपारी किलर की मदद ली थी। मारी गई महिला की पहचान 75 वर्षीय राजबाला और उसके दो मासूम पोते (16 वर्षीय दिवांशु, 12 वर्षीय आयुष) और एक पोती (18 वर्षीय ऐश्वर्या) के रूप में हुई है। 16 साल का दिवांशु दसवीं कक्षा का छात्र था और मौली के स्कॉलर स्कूल पढ़ाई करता था। वंश छठी कक्षा का छात्र था और रायपुर रानी के केवीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल का छात्र था। ऐश्वर्या रायपुर रानी के गर्ल्स कॉलेज में पढ़ाई करती थी। इन सभी की हत्‍या को अंजाम देने वाली का नाम लवली है जो राजबाला की बेटी है।

राजबाला के पति राजेंद्र सिंह चंदेल की खटौली और आसपास के गांवों में 80 से 90 एकड़ जमीन एवं काफी संपत्ति है। राजबाला के बेटे उपेंद्र की भी वर्ष 2008 में रहस्‍यमय परिस्थितियों में मौत करीब सात वर्ष पहले हो गई थी। इसको सुसाइड बताया गया था। इसके बाद राजबाला के पति राजेंद्र की भी मौत हो गई थी, जिसके बाद यह प्रापर्टी राजबाला के नाम हो गई थी।

करीब दो वर्ष पहले राजबाला की बहू भी रहस्‍यमय तरीके से गायब हो गई, जिसका आजतक कोई पता नहीं चल सका है। इस हत्‍या की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इस पूरी घटना को 16 नवंबर की रात को अंजाम दिया गया। अगले दिन सुबह जब इस हत्‍या का मामला सामने आया तो सबसे पहले शक की सूई राजबाला की बड़ी बेटी लवली और उसके पुत्र की ओर पर गई। पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।

20 नवंबर को इस मामले का खुलासा पंचकूला के नए पुलिस उपायुक्त कमलदीप गोयल ने किया। उनके मुताबिक इस पूरे मामले में 44 वर्षीय लवली के ससुराल की तरफ से भी कुछ सदस्‍य शामिल हैं। हालांकि उनके नामों का खुलासा फिलहाल पुलिस ने नहीं किया है। वहीं पुलिस ने ये भी साफ कर दिया है कि इस मामले में अभी और खुलासे होने बाकी हैं। वह जल्‍द ही इस मामले में कोई बड़ा खुलासा करेगी।

हत्‍या की वजह
आपको यहां पर बता दें कि राजबाला की पंचकूला क्षेत्र में लगभग 100 एकड़ जमीन है। इसके अलावा उनके बैंक खातों में भी एक करोड़ रुपये से अधिक रकम जमा हैl लवली की इसी पर नजर थी, जिसके लिए उसने अपनी मां, भतीजी और भतीजों की हत्‍या करवाई। लवली ने सुपारी किलर को घर की सभी बारिकियों के बारे में पूरी जानकारी दी थी, जिसके बाद उसने इस हत्‍या को अंजाम दिया। इस घटना के बाद अब परिवार में राजबाला के पति राजेंद्र सिंह वंश की केवल एकमात्र वारिस शैली बची है। पुलिस ने शैली को कड़ी सुरक्षा प्रदान की है।

अकसर होता था झगड़ा
राजबाला का एक बेटा उपेंद्र और चार बेटियां अंजना, लवली, बंटी व मंजू हैं। चारों शादीशुदा है। लवली और बंटी एक ही घर में विवाहित हैं। बेटे उपेंद्र की मौत के बाद राजबाला की संपत्ति को लेकर अक्सर लवली एवं मां के बीच झगड़ा रहता था। इसके बाद मामला अदालत में पहुंच गया था। लवली भी राजबाला की संपत्ति में हक मांग रही थी। बताया जाता हे कि राजबाल संपत्ति उपेंद्र के चारों बच्चों 18 साल की ऐश्वर्या, 16 साल के दिवांशु, 12 साल के आयुष उर्फ वंश और 10 साल की शैली के नाम करना चाहती थी। इसी को लेकर लवली और राजबाला में खींचतान चल रही थी। राजबाला ही अपने बेटे की मौत के बाद पोती ऐश्वर्या, दिवांशु व आयुष उर्फ वंश का लालन पालन कर रही थी। उन्‍होंने एक पौती दस वर्षीय शैली को अपनी बेटी अंजना के पास छोड़ रखा था। तीन माह पूर्व राजबाला ने अपने पोते दिवांशु को क्रेटा कार खरीदकर दी थी और एक ड्राइवर भी रखा था। राजबाला के भाई सुरेशपाल ने बताया कि वह अपनी बहन राजबाला के आग्रह पर पिछले 16-17 साल से गांव खटौली में रह रहा है। राजबाला की बेटी लवली एवं उसका लड़का विजय ज्यादातर गांव खटौली में ही रहते थे। लवली की ससुराल अंबाला जिले के गांव बिहटा में है।

ऐसा था वो दिन
लवली एवं उसका बेटा विजय 16 नवंबर को भी राजबाला के घर पर आए हुए थे। दोनों शाम तक घर पर ही थे। राजबाला हर रोज की तरह शाम को करीब साढ़े सात बजे भाई सुरेशपाल को बैठक वाले कमरे में खाना दे गई। सुरेश खाना खाकर बैठक में ही सो गया था और राजबाला अपने पोते विशाल उर्फ दीवांशु, आयुश उर्फ एवं पोती ऐश्वर्या उर्फ गिनी के साथ घर पर थी। सुरेशपाल ने बताया कि राजबाला उसे हर रोज सुबह पांच बजे चाय देने आती थी, लेकिन 17 नवंबर की सुबह वह चाय देने नहीं आई, तो वह छह बजे के करीब राजबाला के घर गया और मेन गेट खटखटाकर देखा, तो काफी देर तक जब कोई बाहर नहीं आया तो वह खेत में चला गया।

You Might Also Like