टांडा विधायक प्रतिनिधि श्यामबाबू आदि से हुए विवाद के बाद एक साथ 27 डॉक्टरों ने अपने पद से सामूहिक त्यागपत्र दे दिया है

टांडा विधायक प्रतिनिधि श्यामबाबू आदि से हुए विवाद के बाद एक साथ 27 डॉक्टरों ने अपने पद से सामूहिक त्यागपत्र दे दिया है

 महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में दो दिन पहले टांडा विधायक प्रतिनिधि श्यामबाबू आदि से हुए विवाद के बाद एक साथ 27 डॉक्टरों ने अपने पद से सामूहिक त्यागपत्र दे दिया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को भेजे गए हस्ताक्षरयुक्त त्यागपत्र में डॉक्टरों ने कहा है कि जिस तरह प्राचार्य व डॉक्टर को बंधक बनाकर घटना को अंजाम दिया गया, उससे सभी संकाय सदस्यों में दहशत है।

वहां पर कार्यरत सभी चिकित्सकों का कहना है कि जिस तरह का माहौल बना है उसमें अब कार्य करना संभव नहीं है। ऐसे में हम सभी संकाय के सदस्य स्वेच्छा से अपने पद से त्यागपत्र दे रहे हैं। जब प्राचार्य सुरक्षित नहीं हैं तो बाकी डॉक्टर व कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। पत्र में डॉ. अमित पटेल, डॉ. प्रमोद यादव, डॉ. राजेश्वर यादव, डॉ. मुकेश राना, डॉ. अजय कुमार ङ्क्षसह, डॉ. अजफर मतीन, डॉ. जावेद अख्तर, डॉ. जितेंद्र वर्मा, डॉ. राजेश गौतम, डॉ. कमलेश कुमार, डॉ. अभिषेक पांडेय, डॉ. संजय कुमार सिंह , डॉ. पंकज कुमार गौड़, डॉ. मुकुल सक्सेना, डॉ. आनंद शुक्ला, डॉ. मनोज कुमार गुप्त, डॉ. संजय आर्य, डॉ. रितेश आर्य, डॉ. राजेश यादव, डॉ. दीपेश कुमार, डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. विजय यादव, डॉ. चंद्रभान, डॉ. अमृता, डॉ. पूनम व डॉ. मीनाक्षी के हस्ताक्षर हैं। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. पीके सिंह का कहना है सभी डाक्टर्स को समझाया जा रहा है।

अंबेडकरनगर में महामाया मेडिकल कॉलेज के छात्र व स्थानीय विधायक समर्थकों में मंगलवार देर रात को जमकर बवाल हुआ। विधायक समर्थकों ने प्राचार्य को बंधक बनाया तो छात्रों ने वाहनों में तोडफ़ोड़ कर दो गाडिय़ों को आग के हवाले कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्राचार्य व डॉक्टर को बंधक मुक्त कराया। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए विधायक प्रतिनिधि श्यामबाबू गुप्ता समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। विवाद के बाद आक्रोशित डॉक्टर और कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं।

यह है पूरा मामला

अंबेडकरनगर में मामला अलीगंज थाना क्षेत्र के टांडा अकबरपुर मार्ग पर सद्दरपुर में संचालित महामाया एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज का है। मंगलवार देर रात टांडा से भाजपा विधायक संजू देवी की वृद्ध सास को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया था। डॉक्टरों ने उनकी सास की हालत नाजुक देखते हुए लखनऊ रेफर कर दिया। लेकिन ले जाने के लिए एंबुलेंस का चालक न मिलने पर मौके पर मौजूद विधायक प्रतिनिधि श्याम बाबू गुप्त आदि नाराज हो गए।

आरोप है कि पहले तो इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर से मारपीट की। इसके बाद प्राचार्य पीके सिंह पहुंचे तो विवाद बढ़ गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार विधायक समर्थकों ने प्राचार्य पीके सिंह व प्रोफेसर डॉक्टर प्रमोद तिवारी को असलहे के बल पर उनके आवास से एमरजेंसी में लाकर बंधक बना लिया। जिसकी सूचना पर कॉलेज के छात्रों ने भी हंगामा करना शुरू कर दिया। इस मौके पर पहुंचे सीओ टांडा केके मिश्रा ने पुलिस के सहयोग से प्राचार्य व डॉक्टर को बंधक मुक्त कराया।

विधायक समर्थकों की तरफ से फायरिंग भी की गई, जिससे अरविंद कुमार नामक कर्मचारी के कंधे पर गोली भी लग गई। भड़के छात्रों ने भी जमकर हंगामा करते हुए विधयाक समर्थकों की दो गाडिय़ों को आग के हवाले कर दिया। तीसरी गाड़ी को भी आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। मौके पर का आधा दर्जन से अधिक थानों की पुलिस पहुंच गई। हल्का बल प्रयोग कर सभी को भगाया गया। करीब दो घंटों से अधिक तक चले बवाल से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।

विधायक प्रतिनिधि सहित नौ गिरफ्तार

एसपी विपिन कुमार मिश्र ने कहा कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए विधायक प्रतिनिधि श्यामबाबू गुप्ता समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। डॉक्टर की ओर से अलीगंज थाने में रिपोर्ट की गई है। दूसरे पक्ष की भी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

विधायक प्रतिनिधि ने दी सफाई

विधायक प्रतिनिधि ने कहा कि पूरे मेडिकल कॉलेज में अराजकता का माहौल है। यहां पर तो उपचार के अलावा सब काम होता है। 

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