बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र: लगातार दूसरे दिन हंगामा, आज भी आशंका

बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र: लगातार दूसरे दिन हंगामा, आज भी आशंका

बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में लगातार हंगामा जारी है। मंगलवार को विधानसभा में दूसरा दिन विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। प्रश्नकाल पूरी तरह से बाधित रहा और दूसरी पाली में विपक्ष के शोर-शराबे के बीच ही जीएसटी संशोधन विधेयक पारित हुआ। विधि-व्यवस्था के मसले पर राजद द्वारा कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया गया था। विपक्ष इसकी मंजूरी की मांग पर अड़ा रहा। विधान परिषद में भी विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया। विपक्ष के विधायकों ने सदन का बहिष्‍कार कर परिसर में जमकर नारेबाजी की। बुधवार को भी हंगामे की पूरी आशंका है।

विपक्ष ने की नारेबाजी

शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विधानसभा की कार्यवाही आरंभ होने के पहले ही विपक्ष की तैयारी से लग गया था प्रश्नकाल नहीं चलेगा। सीतामढ़ी में एक बुजुर्ग की प्रशासन के लोगों के सामने हुई हत्या को मुद्दा बनाकर राजद और कांग्रेस के सदस्य विधानसभा के लॉन में नारेबाजी कर रहे थे।

कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के विधायक वेल में आ गए। नारेबाजी होने लगी। कांग्रेस के साथ भाकपा (माले) और और राजद के लोग भी वेल में पहुंच नारेबाजी करने लगे। राजद की ओर से दिए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव में यह कहा गया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट हो गई है। पटना में आला अधिकारियों के नाक के नीचे दिन में कई जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया। इसलिए अपराध पर नियंत्रण पाने, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर सभा का कार्य स्थगित कर विमर्श किया जाए। विपक्ष के सदस्‍यों ने सदन के बाहर भी जमकर नारेबजी की।

तेजस्‍वी बोले: अपराधियों के आगे नतमस्‍तक सरकार

प्रश्नकाल आरंभ होते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव अपने सीट से उठे और कहा कि पूरे प्रदेश में माहौल खराब है। उप मुख्यमंत्री अपराधियों के आगे हाथ जोड़ रहे हैैं। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कहा कि अगर इस मसले को नियमानुसार उठाया जाए तो सदन सुनेगा। अव्यवस्था में किसी की बात नहीं सुनी जा सकेगी। अध्यक्ष की बात मानने के लिए विपक्ष तैयार नहीं था। सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी गई।

विधान परिषद में भी होता रहा हंगामा

इधर विधान परिषद में विपक्ष के हंगामे कारण प्रश्नकाल सिर्फ 25 मिनट चल पाया।  विपक्ष की नेता राबड़ी देवी व रामचन्द्र पूर्वे ने कार्यकारी सभापति हारूण रशीद से कार्य सूची में शामिल सभी विषयों को  स्थगित कर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर चर्चा का अनुरोध किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजद के सुबोध कुमार ने अपने कार्यस्थगन प्रस्ताव को स्वीकृत करने की मांग की। उन्होंने सीतामढ़ी  एक बुजुर्ग को जिंदा जलाने का आरोप लगाया। इसके बाद राजद सदस्य वेल  में आकर नारेबाजी करने लगे।

कार्यकारी सभापति ने कार्यस्थगन प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया। विपक्ष की नेता राबड़ी  देवी अपनी सीट पर ही बैठी हुई  थीं जबकि राजद के  रामचन्द्र पूर्व , कांग्रेस के मदन मोहन झा व प्रेमचन्द्र मिश्र अपनी सीट के समीप खड़े थे।

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