RJD-कांग्रेस का अॉफर-BJP की बेइज्जती या महागठबंधन की माला

RJD-कांग्रेस का अॉफर-BJP की बेइज्जती या महागठबंधन की माला

दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात नहीं होने के बाद पटना लौटे रालोसपा अध्यक्ष  उपेंद्र कुशवाहा ने  कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने का समय नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है और अब एनडीए में उनकी उपेक्षा हो रही है। कुशवाहा के इस बयान पर महागठबंध के नेताओं ने कहा कि इस तरह अपमान सहकर अब कुशवाहा को एनडीए तुरत छोड़ देना चाहिए।

फैसला लेने में कुशवाहा अब कर रहे विलंब

कुशवाहा के बयान पर कांग्रेस के प्रवक्ता कहा कि अपमान सहकर कुशवाहा को एनडीए में नहीं रहना चाहिए। अब समय आ गया है कि वे अलविदा कह दें। एनडीए में रहकर कुशवाहा अब ज्यादा विलंब कर रहे हैं। उन्हें यह फैसला और पहले लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बीजेपी उन्हें कोई तवज्जो नहीं दे रही है, लेकिन महागठबंधन में उनका स्वागत है। 

महागठबंधन की माला या भाजपा की बेइज्जती, तय करें कुशवाहा

वहीं राजद नेता भाई वीरेंद्र ने कहा कि रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की एनडीए से नाराजगी स्वाभाविक है। उनकी बहुत बेइज्जती हो गई है। महागठबंधन उनके लिए माला लेकर इंतजार कर रही है, अब उपेंद्र कुशवाहा को जल्द निर्णय लेना चाहिए कि उनको भाजपा की बेइज्जती पसंद है या महागठबंधन की माला। 

दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात नहीं होने के बाद पटना लौटे रालोसपा अध्यक्ष  उपेंद्र कुशवाहा ने  कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने का समय नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है और अब एनडीए में उनकी उपेक्षा हो रही है। कुशवाहा के इस बयान पर महागठबंध के नेताओं ने कहा कि इस तरह अपमान सहकर अब कुशवाहा को एनडीए तुरत छोड़ देना चाहिए।

फैसला लेने में कुशवाहा अब कर रहे विलंब

कुशवाहा के बयान पर कांग्रेस के प्रवक्ता कहा कि अपमान सहकर कुशवाहा को एनडीए में नहीं रहना चाहिए। अब समय आ गया है कि वे अलविदा कह दें। एनडीए में रहकर कुशवाहा अब ज्यादा विलंब कर रहे हैं। उन्हें यह फैसला और पहले लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बीजेपी उन्हें कोई तवज्जो नहीं दे रही है, लेकिन महागठबंधन में उनका स्वागत है। 

महागठबंधन की माला या भाजपा की बेइज्जती, तय करें कुशवाहा

वहीं राजद नेता भाई वीरेंद्र ने कहा कि रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की एनडीए से नाराजगी स्वाभाविक है। उनकी बहुत बेइज्जती हो गई है। महागठबंधन उनके लिए माला लेकर इंतजार कर रही है, अब उपेंद्र कुशवाहा को जल्द निर्णय लेना चाहिए कि उनको भाजपा की बेइज्जती पसंद है या महागठबंधन की माला। 

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