कुछ माह पूर्व हुई राष्ट्रिय संत भय्यू महाराज की मौत का मामला फिर चर्चा में आया है

कुछ माह पूर्व हुई राष्ट्रिय संत भय्यू महाराज की मौत का मामला फिर चर्चा में आया है

कुछ माह पूर्व हुई राष्ट्रिय संत भय्यू महाराज की मौत का मामला फिर चर्चा में आया है। महाराष्ट्र, गुजरात से आए भक्तों ने आरोप लगाया है कि महाराज ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि सुनियोजित ढंग से उनकी हत्या की गई है। महारज के भक्तों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर सीबीआई जांच की मांग की। सोमवार सुबह भक्तों ने भय्यू महाराज के सूर्योदय आश्रम पर बैठक की। वही उसके बाद पुलिस को ज्ञापन सौंपा

पुलिस ने सख्ती से क्यों नहीं की पूछताछ : भक्त

महाराज के भक्तो ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा – पुलिस ने घटना के तुरंत बाद ही महाराज की मौत को आत्महत्या बता दिया और वजह घर में चल रही आपसी कलह बताई। घटना के बाद डॉ. आयुषी को एक दिन की रियायत दी जा सकती थी, लेकिन यदि सेवादारों से सख्ती से पूछताछ की जाती तो कई अहम बातें सामने आ सकती थीं, लेकिन किसी भी सेवादार को थाने ले जाकर पूछताछ नहीं की गई। वही पुलिस भक्तों को भी कोई पुख्ता जानकारी नहीं दे रही। भक्तों ने आरोप लगाया कि कुछ माह से महाराज के आश्रम के कई सेवादार लापता हैं।

उन्हें तो गन चलानी भी नहीं आती थी

भक्तों ने पुलिस को कुछ अहम व महत्वपूर्ण जानकारी भी दी हैं भक्तों की माने तो भय्यू महाराज को गन चलाना तो दूर गन को लोड करना तक नहीं आता था तो फिर महाराज ने खुद पर गोली कैसे चलाई। वही घटना के बाद सेवादारों ने जो बयान पुलिस को दिये है उसके मुताबिक किसी ने भी गोली चलने की आवाज नहीं सुनी। वही जब महाराज किसी कमरे में होते है तब कोई भी सेवादार उनकी बगैर आज्ञा के कमरे में नहीं जा सकता तो फिर घटना के 1 से 2 घंटे के अंदर ही कमरे का दरवाजा कैसे तोड़ दिया गया.

छह माह बाद क्यों उठी जाँच की माँग ?

महाराज के एक भक्त के मुताबिक घटना के बाद से पुलिस जांच कर रही थी। लेकिन छह माह बाद भी पुलिस की जांच से कोई निष्कर्ष नहीं   निकला। पुलिस द्वारा जांच में लापरवाही बरती जा रही है। इसलिए सीबीआई जांच की मांग की है। वही इस संबंध में अब भक्तों ने राज्यपाल व राष्ट्रपति को भी पत्र लिखा है।

बता दें की अध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज ने 12 जून को इंदौर स्थित स्लिवर स्प्रिंग घर पर खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी । उन्हें शहर के बॉम्बे अस्पताल ले जाया गया था,जंहा डॉक्टरों ने वहां पहुंचने से आधा घंटे पहले ही उनकी मौत की बात कही थी। तीन घंटे पहले तक वे फेसबुक पर एक्टिव थे। घटना के बाद पुलिस जाँच में कमरे से ही एक सुसाइड नोट भी मिला था जिसमें घर में आपसी कलह की बातें लिखी हुई थी.

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