हार्दिक,जिग्नेश और अल्पेश की तिकड़ी राजस्थान में बदल सकती है चुनावी समीकरण

नरेन्द्र शर्मा। गुजरात विधानसभा चुनाव में हार्दिक पटेल,जिग्नेश मेवाणी और अल्पेश ठाकोर की तिकड़ी काफी चर्चित रही। अब यह तिकड़ी राजस्थान में सक्रिय होने लगी है। यह तिकड़ी राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा को मात देने की रणनीति पर काम कर रही है।नरेन्द्र शर्मा। गुजरात विधानसभा चुनाव में हार्दिक पटेल,जिग्नेश मेवाणी और अल्पेश ठाकोर की तिकड़ी काफी चर्चित रही। अब यह तिकड़ी राजस्थान में सक्रिय होने लगी है। यह तिकड़ी राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा को मात देने की रणनीति पर काम कर रही है।  इस रणनीति के तहत हार्दिक पटेल प्रदेश के उदयपुर संभाग में पाटिदार प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय है। प्रदेश के गुर्जर नेता भी हार्दिक पटेल के सम्पर्क में है। हार्दिक की रणनीति गुर्जर और पाटीदार समाज के युवाओं को एकजुट करने की है । इस रणनीति के तहत वे कांग्रेस के पूर्व विधायक पुष्कर डांगी और गुर्जर नेता हिम्मत सिंह के माध्यम से पाटीदार और गुर्जर समाज के युवाओं को एकजुट करने में जुटे है। हार्दिक ने गुर्जर और पाटीदार समाज में भाजपा के खिलाफ मतदान करने को लेकर मुहिम चला रखी है।  वहीं गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी की नजर राज्य के दलित वोट बैंक पर है। जिग्नेश मेवाणी ने पिछले तीन माह में राजस्थान के आधा दर्जन जिलों के 17 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया है। इन सभी विधानसभा क्षेत्रों में वर्तमान में भाजपा विधायक है। उन्होंने प्रत्येक जिले में दलित वर्ग के युवाओं की टीम तैयार की है।  यह टीम अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सभी 34 विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय है। इधर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की योजना के अनुसार गुजरात के विधायक अल्पेश ठाकोर जुलाई के अंत में राजस्थान में सक्रिय होंगे। अल्पेश पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं के बीच जाकर कांग्रेस के पक्ष में करने में मतदान करने के लिए प्रेरित करेंगे।  कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट द्वारा तय की गई योजना के अनुसार अल्पेश प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के प्रमुख नेताओं के साथ जिलों का दौरा करेंगे।  प्रदेश के भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के नेता मानते है कि यह तिकड़ी राजस्थान विधानसभा चुनाव में काफी हद तक समीकरण बदल सकती है। इस लिहाज से कांग्रेस जहां इन तीनों की सक्रियता का लाभ उठाने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं भाजपा इन तीनों की काट खोजने में जुटी है । 

इस रणनीति के तहत हार्दिक पटेल प्रदेश के उदयपुर संभाग में पाटिदार प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय है। प्रदेश के गुर्जर नेता भी हार्दिक पटेल के सम्पर्क में है। हार्दिक की रणनीति गुर्जर और पाटीदार समाज के युवाओं को एकजुट करने की है । इस रणनीति के तहत वे कांग्रेस के पूर्व विधायक पुष्कर डांगी और गुर्जर नेता हिम्मत सिंह के माध्यम से पाटीदार और गुर्जर समाज के युवाओं को एकजुट करने में जुटे है। हार्दिक ने गुर्जर और पाटीदार समाज में भाजपा के खिलाफ मतदान करने को लेकर मुहिम चला रखी है।

वहीं गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी की नजर राज्य के दलित वोट बैंक पर है। जिग्नेश मेवाणी ने पिछले तीन माह में राजस्थान के आधा दर्जन जिलों के 17 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया है। इन सभी विधानसभा क्षेत्रों में वर्तमान में भाजपा विधायक है। उन्होंने प्रत्येक जिले में दलित वर्ग के युवाओं की टीम तैयार की है।

यह टीम अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सभी 34 विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय है। इधर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की योजना के अनुसार गुजरात के विधायक अल्पेश ठाकोर जुलाई के अंत में राजस्थान में सक्रिय होंगे। अल्पेश पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं के बीच जाकर कांग्रेस के पक्ष में करने में मतदान करने के लिए प्रेरित करेंगे।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट द्वारा तय की गई योजना के अनुसार अल्पेश प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के प्रमुख नेताओं के साथ जिलों का दौरा करेंगे।

प्रदेश के भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के नेता मानते है कि यह तिकड़ी राजस्थान विधानसभा चुनाव में काफी हद तक समीकरण बदल सकती है। इस लिहाज से कांग्रेस जहां इन तीनों की सक्रियता का लाभ उठाने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं भाजपा इन तीनों की काट खोजने में जुटी है । 

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