SC के फैसले के बाद लोकसभा में सरकार ने कहा- राहुल गांधी माफी मांगें

SC के फैसले के बाद लोकसभा में सरकार ने कहा- राहुल गांधी माफी मांगें

फ्रांस से 36 राफेल विमानों की खरीद में घोटाले के आरोपों का सामना कर रही केंद्र सरकार ने शुक्रवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्लीन चिट दिये जाने के बाद आक्रामक रुख अपनाते हुए लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की. सदन में विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे और राफेल पर अदालत के फैसले के बाद भाजपा सदस्यों की नारेबाजी के कारण कार्यवाही शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दी गई .

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने फ्रांस से 36 राफेल विमानों की खरीद के मामले में शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार को क्लीन चिट दे दी. शीर्ष अदालत ने कहा कि हमें फ्रांस से 36 राफेल विमानों की खरीद की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नजर नहीं आता है. सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही जहां विपक्ष के कुछ सदस्य अपनी अपनी मांगों को लेकर आसन के पास आकर नारेबाजी कर रहे थे, वहीं भाजपा के सदस्य भी शीर्ष अदालत के फैसले की पृष्ठभूमि में आक्रामक दिखे.

भाजपा सदस्य ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे लगा रहे थे. संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी सदन में कहा कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए. इस दौरान संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ ही भाजपा के सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे लगाते रहे.

जेपीसी की मांग

उल्लेखनीय है कि संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत से ही कांग्रेस राफेल सौदे में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से इसकी जांच कराने की मांग कर रही है. इसके कारण सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है. कांग्रेस सदस्यों ने शुक्रवार को भी राफेल सौदे में जेपीसी जांच की अपनी मांग जारी रखी. इस दौरान कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले.

इस दौरान सदन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उपस्थित नहीं थे. संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी सदन में उपस्थित थीं. उधर आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जे की मांग को लेकर तेलुगूदेशम पार्टी के सदस्य और कावेरी मुद्दे पर अन्नाद्रमुक सदस्य पिछले दिनों की तरह नारेबाजी करते रहे.

सत्र की शुरूआत से ही राम मंदिर मुद्दे को उठा रहे शिवसेना के सदस्य आज प्रश्नकाल के दौरान प्रदर्शन नहीं कर रहे थे. लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया, लेकिन हंगामा थमता नहीं देख उन्होंने सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. राफेल सौदे पर मानसून सत्र में भी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा था.

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