सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस का झूठ बेपर्दा

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस का झूठ बेपर्दा

उत्तराखंड दौरे पर आए विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह (सेवानिवृत्त) ने रविवार को देहरादून में राफेल मामले में कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बोफोर्स घोटाले की तरह राफेल मामले को भी रंग देने की कोशिश की और लगातार झूठ बोलकर जनता को गुमराह किया। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेस का झूठ बेपर्दा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि राफेल सौदे में कहीं कोई गड़बड़ नहीं है। लिहाजा, यह जांच का विषय ही नहीं है। पाकिस्तान की कूटनीति के संबंध में उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।

देहरादून में विजय दिवस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे विदेश राज्यमंत्री सिंह ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में निर्णय की प्रक्रिया, कीमत और आफसेट पार्टनर को लेकर कांग्रेस ने ऐसा माहौल बनाया कि इसमें भारी अनियमितता हुई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ हो गया है कि पूरा सौदा पाक साफ है। कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि राफेल सौदा 2007 से चल रहा था, मगर पूर्ववर्ती कांग्रेसनीत यूपीए सरकार ने इसे लटकाए रखा। इस पर कांग्रेस ने पर्दा डाला और झूठ का सहारा लेकर अपनी गलतियां भाजपा पर थोपने की कोशिश की।

राफेल डील कांग्रेस ने शुरू की थी, अब उसे भाजपा ने पूरा किया तो इसमें बुरा क्या किया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष से सवाल किया कि वह अपनी सूचना का स्रोत बताएं। उन्होंने कहा कि 2007 से 2014 तक वायु सेना की मारक क्षमता में कमी आई, इसका जिम्मेदार कौन है। इस अवधि में यूपीए सरकार ने यह डील क्यों फाइनल नहीं की। वायु सेना की ओर से पूरा ब्योरा देने के बावजूद देश की सुरक्षा से खिलवाड़ क्यों किया गया। इन तमाम सवालों का कांग्रेस अध्यक्ष को जवाब देना चाहिए। अगर सब चोर चौकीदार को ही चोर कहेंगे तो क्या जनता मानेगी।

विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में भी उन्हीं लोगों ने मामला उठाया, जिन्होंने इसे बाहर गलत प्रचारित किया। अब यही लोग सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर सवाल उठा रहे हैं। राफेल पर भाजपा संसद में चर्चा के लिए तैयार है, मगर कांग्रेस इससे भाग रही है, क्योंकि चर्चा होगी तो उसका पूरा झूठ बाहर आ जाएगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर शक की कोई गुंजाइश नहीं है, फिर कांग्रेस के दिमाग में कौन सा शक है। अगर वह कोर्ट का निर्णय नहीं मानती तो क्या परिवार के निर्णय को मानेगी।

कैग रिपोर्ट के संबंध में उन्होंने कहा कि इसमें संशोधन के लिए केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगा दी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले साढ़े चार सालों में कांग्रेस ने हर संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाए हैं। उसकी नीयत क्या है, यह समझ से परे है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि सीबीआई में जो हुआ, वह उसका आंतरिक मामला है। इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। जो गलत थे, उनके विरुद्ध कार्रवाई हुई है। साथ ही आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे को लेकर उठाई जा रही बातों को लेकर कहा कि यदि पटेल में दम है तो वह बताएं कि किसके दबाव में इस्तीफा दिया।

अभी तो पाकिस्तान की चाल-ढाल देखो

देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की कूटनीति पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। अभी तो बस उसकी चाल-ढाल देखो। उन्होंने पाकिस्तान की ओर से सार्क बैठक में पीएम को न्योता और करतापुर कॉरीडोर को लेकर पाक की रणनीति के संबंध में पूछे गए सवाल पर ये बात कही।

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