अमेरिका ने सीरिया से अपने सैनिकों को बुलाया वापस, फ्रांस ने कहा- हम डटे रहेंगे

अमेरिका ने सीरिया से अपने सैनिकों को बुलाया वापस, फ्रांस ने कहा- हम डटे रहेंगे

 फ्रांस सरकार के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि उनका देश सीरिया में इस्लामिक स्टेट से लड़ रहे गठबंधन में अपनी भागीदारी बनाए रखेगा. उनकी यह टिप्पणी तब आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैनिकों को स्वदेश बुलाने का आदेश जारी कर अपने सहयोगियों को चौंका दिया.

फ्रांस की यूरोपीय मामलों की मंत्री नताली लोइसियू ने सीन्यूज टीवी से कहा, ‘‘अभी के लिए निश्चित तौर पर हम सीरिया में रहेंगे. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. यह सच है कि गठबंधन ने सीरिया में अहम प्रगति की है लेकिन यह लड़ाई चल रही है और चलती रहेगी.’’

फ्रांस ने अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन के हिस्से के तौर पर जॉर्डन में लड़ाकू विमान और इराक में सीरियाई सीमा पर तोपखाना स्थापित कर रखा है. साथ ही जमीन पर अज्ञात संख्या में उसके विशेष बल हैं.

बुधवार को ट्विटर पर पोस्ट एक वीडियो संदेश में आईएस जिहादियों की हार की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘‘हम जीत गए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन्हें हरा दिया है और उन्हें बुरी तरह हराया है. हमने जमीन वापस ले ली है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमारे लड़के, युवतियां, हमारे लोग…. वे सभी वापस आ रहे हैं.’’

वाशिंगटन में सीरिया से 2000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की खबरों के बीच ट्रंप का यह संदेश आया है. अमेरिका की पुरानी नीति से बेहद अलग होने के कारण इस फैसले से विदेशी सहयोगी और सांसद आश्चर्यचकित हैं.

अमेरिका के सहयोगियों ने आगाह किया है कि सीरियाई गृह युद्ध के दौरान आईएस को ज्यादातर हिस्से से खदेड़े जाने के बावजूद उसका खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने गुरुवार को टि्वटर पर कहा कि आईएस ‘‘मानचित्र से हटा नहीं है और ना ही उसकी जड़ें उखड़ी हैं. हमें निश्चित तौर पर इस आतंकवादी संगठन की आखिरी चौकी खत्म करनी चाहिए.’’

इस बीच, सीरिया में अमेरिका के मुख्य सहयोगी ने गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का खंडन किया कि इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों को हरा दिया गया है और साथ ही आगाह किया कि अमेरिकी सेना के हटने से आतंकवादी समूह को फिर से सिर उठाने का मौका मिल जाएगा.

कुर्द की अगुवाई वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी सैनिकों की समय पूर्व वापसी के खतरनाक परिणाम होंगे और इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी. स्थानीय निवासियों ने बताया कि कुर्द अधिकारियों और कमांडरों ने इस फैसले पर चर्चा करने के लिए रात में मुलाकात की.

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