न्यू ईयर 2019: शिवराज ने मध्यप्रदेश के लोगों को दी नए साल की शुभकामनाएं,

न्यू ईयर 2019: शिवराज ने मध्यप्रदेश के लोगों को दी नए साल की शुभकामनाएं,

मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक ब्लॉग लिखकर प्रदेश की जनता को नववर्ष 2019 की शुभकामनाएं दी हैं. अपनी पोस्ट में उन्होंने कुछ भावुक बातें भी लिखी हैं. साथ ही अपनी सरकार से जुड़ी कुछ यादें शेयर की हैं. पढ़ें सीएम ने ब्लॉग में क्या लिखा…

”वर्ष 2018 कई यादों को लेकर विदा हो रहा है. मध्य प्रदेश में 15 वर्ष तक भाजपा की सरकार रही, 13 वर्ष मैं सीएम रहा. इन 13 वर्षों में हर क्षण मैंने जनता के लिए जीने की कोशिश की, जितनी क्षमता और सामर्थ्य मुझमें थी, उसे प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण में लगाया. इस अवधि में प्रदेश को बदलने में सफल हुआ. पानी, बिजली और सड़क के क्षेत्र में क्रांति हुई. इस बदलाव के कारण प्रदेश बदल गया, प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 14000 से 79999 रुपए हो गई. गांव, शहरों का अभूतपूर्व विकास हुआ, कृषि उत्पादन बढ़कर दोगुने से भी ज्यादा हो गया, प्रदेश के विकास को देश में पहचान मिली, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण कार्य मुख्यमंत्री रहते हुए जो मैंने किया, वो है कि सरकार को जनता से जोड़ दिया. योजनाएं बनाईं, लेकिन वल्लभ भवन की पांचवी मंजिल पर बैठकर नहीं, बल्कि जनता के बीच बैठकर बनाई. जनता की जो समस्याएं और कष्ट बचपन से देखे थे, उनको दूर करने की योजना जनता के ही बीच बैठकर बनाई.

समाज के अलग-अलग वर्गों की पंचायतें बुलाकर फैसले लिए गए. सरकार जनता के सुख-दुख की साथी बने, यह कोशिश रही मेरी. मुख्यमंत्री निवास का डोम कई फैसलों का साक्षी बना. मुख्यमंत्री निवास सर्वधर्म समभाव का प्रतीक बन गया. सब धर्मों के त्योहार यहां पर मनाए गए. सीएम हाउस जनता का घर बनाने में मैंने सफलता पाई. केवल विकास दर बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, विकास का प्रकाश सब तक पहुंचे, विशेषकर गरीबों तक, किसानों तक, महिलाओं तक और मेरे प्यारे भांजे-भांजियों तक, यह कोशिश मैंने अनेकों योजनाओं के माध्यम से की. नर्मदा सेवा यात्रा ने नदी के संरक्षण की ओर सबका ध्यान खींचा.

महाकुंभ का आयोजन भव्यता और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ हो, लेकिन केवल स्नान और दर्शन ना हो अपितु दुनिया के विद्वान दुनिया के सामने खड़ी समस्याओं पर भी विचार कर समाधान सुझाएं, इसके लिए विचार महाकुंभ का आयोजन भी किया गया. हम सब एक हैं, कोई छोटा-बड़ा नहीं, एक ही चेतना सब में है, इसलिए आचार्य शंकर के अद्वैत वेदांत के सिद्धांत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एकात्म यात्रा यात्राओं का आयोजन किया. लोकतंत्र में सरकारें बदलती रहती हैं. मुझे सरकार न बना पाने का कोई अफसोस नहीं है. जोड़-तोड़ कर सरकार बनाना मेरी अंतरात्मा को गवारा भी नहीं था. अब सरकार चलाने का मौका कांग्रेस को मिला है. नए मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी को मैंने शुभकामनाएं दी हैं. मैं चाहता हूं कि नई सरकार प्रदेश के विकास की धारा को आगे बढ़ाए, विकास में निरंतरता का होना प्रदेश और जनता के हित में है. मैं कहना चाहता हूं कि यह सरकार बदलने से प्रभावित ना हो, योजना केवल इसलिए कि पिछली सरकार ने बनाई थी, बदल देना उचित नहीं होगा. श्री कमलनाथ जी से अपेक्षा है कि वे सब अच्छे कामों को आगे बढ़ाएं.

वे बड़ा करने के लिए पुरानी लकीर को मिटाकर छोटा करने के बजाय बड़ी लकीर खींचकर बड़े बन जाएं और प्रदेश को आगे बढ़ाएं. हमारा हर अच्छे काम में सकारात्मक सहयोग मिलेगा. एक अपील प्रदेश की जनता से कि वे ‘हर काम सरकार करेगी’ यह न सोचें, बल्कि हम अपने प्रदेश को आगे बढ़ाने में जो बेहतर योगदान कर सकते हैं जरूर करें. प्रदेश सिर्फ सरकार का नहीं हम सब का है, हम सबको मिलकर अपने प्रदेश को आगे बढ़ाना है. 13 वर्षों के मुख्यमंत्री काल में यदि मेरे किसी व्यवहार से, कार्य से किसी भाई- बहनों को कष्ट पहुंचा हो तो मैं हृदय से क्षमा मांगता हूं. आगे भी प्रदेश की जनता के कल्याण के काम में निरंतर लगा रहूंगा. नव वर्ष की सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं.”

You Might Also Like