शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने बताई BJP में अपनी हैसियत, अब ममता बनर्जी की रैली में करेंगे शिरकत

शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने बताई BJP में अपनी हैसियत, अब ममता बनर्जी की रैली में करेंगे शिरकत

पटना साहिब से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तथा बॉलीवुड अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी में अपनी हैसियत का खुलासा किया है। कहा है कि उन्हें अपनी पार्टी में ‘सम्मान’ नहीं मिला, लेकिन उनकी वफादारी पर सवाल नहीं किए जा सकते। उन्‍होंने कहा कि वे भाजपा में तब से हैं, जब यह दो सांसदों की पार्टी थी। उन्‍होंने तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को राष्ट्रीय नेता बताया तथा कहा कि वे कोलकाता में शनिवार को होने वाली ममता बनर्जी की रैली में शिरकत करेंगे।

कहा: ममता श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाली राष्ट्रीय नेता

इस सवाल पर कि क्‍या लोकसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी प्रधानमंत्री बनेंगीं, शत्रुघ्‍न सिन्‍हा इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनाने का फैसला चुनाव में संख्या के आधार पर होता है, ममता बनर्जी श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाली राष्ट्रीय नेता हैं।

‘राष्ट्र मंच’ के प्रतिनिधि के तौर पर रैली में होंगे शामिल

शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने बताया कि ममता की रैली में वे संस्‍था ‘राष्ट्र मंच’ के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल होंगे। इस संस्‍था की शुरुआत भाजपा के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा ने की है। शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि आखिर भाजपा के नेता भी राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में शामिल होते हैं। क्‍या यह पार्टी के विरोध में उठाया गया कदम है, इस सवाल पर शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने कहा कि‍ पार्टी के उनकी वफादारी पर सवाल नहीं किए जा सकते। उन्‍होंने कहा कि वे भाजपा में तब से हैं, जब यह दो सांसदों की पार्टी थी।

पहले भी भाजपा विरोधी नेताओं से करते रहे मुलाकात

विदित हो कि शत्रुघ्‍न सिन्‍हा पहली बार पार्टी लाइन से बाहर नहीं गए हैं। पहले भी वे म‍हागठबंधन के घटक दल राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात करते रहे हैं। उन्‍हें लालू के बेटे तेजस्‍वी यादव में भविष्‍य का नेता दिखता है। बिहार में महागठबंधन की सरकार के दौरान जब नीतीश कुमार भाजपा के विरोध में थे, शत्रुघ्‍न सिन्‍हा उनसे मिलते रहे थे।

नहीं चूकते नरेंद्र मोदी की आलोचना का मौका

शत्रुघ्‍न सिन्‍हा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अनेक भाजपा नेताओं की आलोचना करते रहे हैं। वे पीएम मोदी सरकार के नोटबंदी व जीएसटी के बड़े फैसलों के आलोचक रहे हैं। हाल की बात करें तो उन्‍होंने स्‍पष्‍ट कहा कि लालकृष्‍ण आडवाणी के साथ रहने के कारण उन्‍हें पीमएम मोदी सरकार में मंत्री नहीं बनाया गया, हालांकि उन्‍हें इसकी फिक्र नहीं। उन्‍होंने यह भी कहा कि वे हर हाल में पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र से ही चुनाव लड़ेंगे। यह भी कहा कि भाजपा में तानाशाही की स्थिति है।

सुशील मोदी ने दी पार्टी छोड़ने की नसीहत

शत्रुघ्‍न सिन्‍हा की बातों पर पार्टी सामान्‍यत: प्रतिक्रियश नहीं देती, लेकिन हाल में बिहार के उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने तो उन्‍हें पार्टी छोड़ देने तक की नसीहत दे डाली।

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