लालू की जमानत याचिका पर पटियाला हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

लालू की जमानत याचिका पर पटियाला हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

आईआरसीटीसी टेंडर घोटाला मामले में आज दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट एक बार फिर  सीबीआइ और ईडी दोनों की तरफ से दायर चार्जशीट पर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने दोनों मामलों में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर फैसले को सुरक्षित रख लिया है। ईडी के मामले में 28 जनवरी को अगली सुनवाई होगी तो वहीं सीबीआइ के मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी।

आज रेलवे टेंडर घोटाला मामले में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी और लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव की पटियाला हाईकोर्ट में पेशी हुई। कोर्ट में राबड़ी और तेजस्वी की पेशी के दौरान राजद सांसद मनोज झा और राजन तिवारी भी मौजूद थे। पेशी के बाद तेजस्वी ममता बैनर्जी की रैली में शामिल होने के लिए कोलकाता जाएंगे।

पिछली सुनवाई में लालू वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए थे

बता दें कि पिछली बार 20 दिसंबर को हुई सुनवाई में आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव जेल से वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए थे। वहीं, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी कोर्ट पहुंचे थे और न्यायालय ने लालू यादव की अंतरिम जमानत की अवधि 19 जनवरी तक बढ़ा दी थी। वहीं ईडी की तरफ से दर्ज किए गए इसी मामले में फिलहाल कोर्ट की सुनवाई जारी है।

इससे भी पहले पिछली सुनवाई में लालू यादव को कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होना था, लेकिन वह खराब सेहत के चलते पेश नहीं हो सके थे। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 20 दिसंबर तक टाल दी थी।

गौरतलब है कि उस वक्त ही कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया था कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लालू यादव की पेशी और सुनवाई की समुचित व्यवस्था करे। वहीं इससे पहले 6 अक्टूबर को आइआरसीटीसी घोटाले के दोनों मामलों में लालू परिवार को पटियाला हाउस कोर्ट से राहत मिल गई थी।

रेलवे टेंडर घोटाला मामले में सीबीआइ और ईडी ने दायर की है चार्जशीट

आईआरसीटीसी होटल आवंटन मामले में सीबीआई के बाद ईडी ने पटियाला हाउस कोर्ट में लालू एंड फैमली के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में ईडी ने कई अहम सबूत की बात कही थी। चार्जशीट में ईडी ने लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव, पूर्व मंत्री प्रेमचंद्र गुप्ता, उनकी पत्नी सरला गुप्ता और तत्कालीन एमडी बीके अग्रवाल के अलावा अन्य लोगों को आरोपी बनाया था।

लालू एंड फैमिली पर लगे हैं आरोप

लालू प्रसाद यादव पर आरोप है कि 2004 से 2009 के दौरान रेल मंत्री रहते उन्होंने एक निजी कंपनी को अवैध तरीके से फायदा पहुंचाया। उन्होंने रांची और भुवनेश्वर में होटल चलाने का ठेका दिया और इसके बदले उस कंपनी से पटना में तीन एकड़ की जमीन ली।

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