बिहार के इस मेले में बिकती भूत भगाने वाली छड़ी

बिहार के इस मेले में बिकती भूत भगाने वाली छड़ी

क्‍या आपने भूत भगाने वाली छड़ी देखी है। लोगों की आस्‍था है कि इस छड़ी के डर से भूत भाग जाते हैं। यह छड़ी नहीं देखी तो आइए बिहार के मंदार मेला में। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर बांका के मंदार मेले में भूत भगाने वाली छडि़यां खूब बिकती हैं। इस साल की बात करें तो मकर संक्रांति पर लगे मंदार लोक मेले में देखते ही देखते भूत भगाने वाली पांच हजार छडिय़ां बिक गईं। इन्हें मुख्यत: 11 से 14 जनवरी तक पापहरणी सरोवर में स्नान करने पहुंचे भक्तों ने खरीदी।

भूत भगाने वाली बेंत की ये छडिय़ां ओडिशा के जंगलों से मंगाई गईं थींं। उन्हें पटना के कुछ व्यापारियों के माध्यम से मंदार मेले में पहुंचाया गया था। मंदार में मौजूद अधिकांश दुकानदारों के पास जनवरी के पहले सप्ताह से ही यह छड़ी पहुंच चुकी थी। नाश्ता-पानी की दुकानों से लेकर खिलौने तक की  दुकानों पर भी डेढ़ हाथ लंबी बेंत की छड़ी बिक्री के लिए उपलब्ध थी।

तारापुर के एक दुकानदार ने बताया कि आदिवासी लोग पूजा-अराधना और झाड़-फूंक में इसका प्रयोग करते हैं। इस साल छड़ी की कीमत 80 रुपये थी।

क्‍या आपने भूत भगाने वाली छड़ी देखी है। लोगों की आस्‍था है कि इस छड़ी के डर से भूत भाग जाते हैं। यह छड़ी नहीं देखी तो आइए बिहार के मंदार मेला में। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर बांका के मंदार मेले में भूत भगाने वाली छडि़यां खूब बिकती हैं। इस साल की बात करें तो मकर संक्रांति पर लगे मंदार लोक मेले में देखते ही देखते भूत भगाने वाली पांच हजार छडिय़ां बिक गईं। इन्हें मुख्यत: 11 से 14 जनवरी तक पापहरणी सरोवर में स्नान करने पहुंचे भक्तों ने खरीदी।

भूत भगाने वाली बेंत की ये छडिय़ां ओडिशा के जंगलों से मंगाई गईं थींं। उन्हें पटना के कुछ व्यापारियों के माध्यम से मंदार मेले में पहुंचाया गया था। मंदार में मौजूद अधिकांश दुकानदारों के पास जनवरी के पहले सप्ताह से ही यह छड़ी पहुंच चुकी थी। नाश्ता-पानी की दुकानों से लेकर खिलौने तक की  दुकानों पर भी डेढ़ हाथ लंबी बेंत की छड़ी बिक्री के लिए उपलब्ध थी।

तारापुर के एक दुकानदार ने बताया कि आदिवासी लोग पूजा-अराधना और झाड़-फूंक में इसका प्रयोग करते हैं। इस साल छड़ी की कीमत 80 रुपये थी।

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