उत्तर प्रदेश में कहीं रिमझिम तो कहीं झमाझम बारिश, मेरठ में एक्सट्रीम वेदर कंडीशन

उत्तर प्रदेश में कहीं रिमझिम तो कहीं झमाझम बारिश, मेरठ में एक्सट्रीम वेदर कंडीशन

यूपी में मौसम ने करवट ले ली। सुबह से ही आसमान में छाई बादली तेज हवा के साथ कहीं रिमझइम तो कहीं झमाझम बारिश होने लगी। पश्चिम उत्तर प्रदेश उपलवृष्टि का भी साक्षी बना, जिससे दिन का तापमान गिर गया।मेरठ में रिकार्डतोड़ बारिश से शहर में हर तरफ पानी पानी नजर आया। यहां कई इलाकों में 64 एमएम तक बारिश दर्ज की गई। मध्य उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में रुकरुक कर धूप निकलती रही। हालांकि धूप में तेजी नहीं रही। दरअसल, पहाड़ी इलाकों में बने पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों में भी हुआ। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी दो-तीन दिन बदली छाई रहेगी और हल्की बारिश भी हो सकती है। इससे वातावरण में ठंड भी बढ़ेगी। दिन के तापमान में कमी आने की संभावना है। 

108 साल में तीसरी बार ऐसी बारिश

मेरठ में जनवरी माह में औसत बारिश 10.1 एमएम होती है। बुधवार जैसी मूसलधार बारिश मानसून सीजन में ही नजर आती है। 21 जनवरी को दोपहर 2.30 बजे से 22 जनवरी को 2.30 बजे तक 50.7 एमएम बारिश हुई। हालांकि, मौसम विभाग बारिश का आगणन सुबह 8.30 से अगले दिन 8.30 बजे तक करता है। उस लिहाज से देखें तो 18 जनवरी-2014 को इससे पहले 43.6 एमएम बारिश हुई थी। वर्ष 1995 में 54 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी। इसके बाद आल टाइम रिकार्ड 58.4 है, जो 1911 में दर्ज किया गया था। यानी, 108 साल में तीसरी बार इतनी बारिश हुई है। कृषि प्रणाली संस्थान के प्रधान मौसम वैज्ञानिक डा. एन सुभाष ने बताया कि मेरठ में हुई बारिश एक्सट्रीम वेदर कंडीशन का उदाहरण है। अर्थात सामान्य रूप से बारिश न होकर या तो बहुत कम अथवा कम समय में अत्यधिक बारिश हो रही है।

आलू को नुकसान-गेहूं को फायदा

गांव नंगला के किसान नरेश नंगला ने बताया कि पानी भरने से आलू की फसल को नुकसान हुआ है। कई जगह सरसों की फसल गिर गई है। मवाना के प्रगतिशील किसान नंदकिशोर ने बताया कि अभी तक हुई बारिश गेहूं और मटर के लिए फायदेमंद है। अगर ज्यादा बारिश होती है तो नुकसानदेह रहेगी।

कल हल्की बारिश की संभावना

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसका असर आगामी तीन दिनों तक बना रहेगा। इसके चलते कहीं मध्यम और कहीं घने बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश भी हो सकती है। ठंड में इजाफा होगा। दरअसल, बीती रात से आज दिन भर उत्तरी पूर्वी दिशा से हवा चलने का सिलसिला बना रहा। साथ ही घने बादलों ने डेरा डाल दिया। पूर्वाह्न में कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम निदेशक जेपी गुप्ता बताते हैं कि जम्मू-कश्मीर के पास पश्चिमी विक्षोभ है। इसी के चलते जहां पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी है, वहीं प्रदेश में भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। मंगलवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री अधिक 16.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

मौसम का पारा लुढ़का

राजधानी लखनऊ में कुछ जगहों पर बूंदाबांदी और ठंडी हवा से अधिकतम लुढ़का लेकिन न्यूनतम तापमान बढ़ा। बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर, अंबेडकरनगर व लखीमपुर में कहीं हल्की फुहारें पड़ी तो कहीं ओले गिरे। पुरवा हवा चलने के साथ रिमझिम बारिश संग सीमावर्ती इलाकों के कई हिस्सों में ओलावृष्टि भी हुई बहराइच में छह मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। अयोध्या अमेठी, सुलतानपुर में दिनभर बादल छाए रहे। रायबरेली, बलरामपुर, बाराबंकी में तेज हवाओं और बदली के चलते ठंड और ठिठुरन बढ़ गई है। बूंदाबांदी भी हुई। अंबेडकरनगर में बर्फीली हवाएं चलीं। सीतापुर के कुछ एक गांवों में हल्की ओलावृष्टि होने की भी खबर है। गोरखपुर में बादलों के बीच सर्द तेज हवाएं चलीं। यहां न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री दर्ज किया गया।

आगरा, मथुरा, मेरठ, फीरोजाबाद, मैनपुरी, एटा और कासगंज में लगातार तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई। मेरठ और सहारनपुर मंडल में बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित रहा। फसलों को नुकसान पहुंचा है। मेरठ में 24 घंटों में 50 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। बारिश और सर्द हवाओं से ठंड बढ़ गई है। मुजफ्फरनगर के पुरकाजी में बारिश के दौरान मकान की छत गिरने से महिला सितारा की मौत हो गई। मेरठ के अस्पताल में बारिश का पानी भर गया है। शामली के कस्बा थानाभवन में तीन मकानों में वज्रपात से हजारों का सामान नष्ट हो गया। बागपत के ग्राम बंदपुर में शिव मंदिर पर बिजली गिरने से गुंबद व कलश क्षतिग्रस्त हो गए। मुरादाबाद मंडल के चारों जिलों मुरादाबाद, सम्भल, अमरोहा और रामपुर में भी सूरज नहीं निकला। बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। सर्दी बढ़ गई। गलन रही। अलीगढ़ देर रात तक रुक-रुक कर बरसात के बाद सुबह भी बादल छाए रहे। हापुड़ में पीरबाउद्दीन इलाके में वज्रपात हुआ पर कोई नुकसान नहीं हुआ। गाजियाबाद में बारिश से पारा लुढ़क गया। इससे सर्दी भी बढ़ गई।

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