सरफराज अहमद मामले में कप्तान फॉफ डु प्लेसिस बोले, उन्होंने माफी मांगी

सरफराज अहमद मामले में कप्तान फॉफ डु प्लेसिस बोले, उन्होंने माफी मांगी

पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद ने भले ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी पर की गई रंगभेद की टिप्पणी के लिए मुसीबतों में घिरे हों, लेकिन ददक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डु प्लेसिस से उन्हें राहत मिली है. डु प्लेसिस ने सरफराज की टिप्पणी के लिए उन्हें माफ कर दिया है. डु प्लेसिस ने कहा कि सरफराज ने माफी मांगी है और ऐसे में टीम ने उन्हें माफ कर दिया है.

डु प्लेसिस के बयान से जाहिर है कि वे इस मामले को जांच समितियों ( इस मामले में आईसीसी) पर ही छोड़ कर चाहते हैं कि उनकी टीम पूरी तरह से मैच पर फोकस करे. दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज का तीसरा वनडे शुक्रवार को सेंचुरियन में खेला जाना है. इस सीरीज में दोनों टीमें फिलहाल 1-1 की बराबरी पर चल रही हैं.  प्लेसिस ने टीम के प्रशिक्षण सत्र के दौरान कहा, “हमने उन्हें (सरफराज) माफ कर दिया है, क्योंकि उन्होंने माफी मांगी है. उन्होंने अपने गलत व्यवहार की जिम्मेदारी ली है. अब यह हमारे हाथों में नहीं है. इस मामले को अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिति देखेगी.”

सरफराज ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे मैच के दौरान मेजबान टीम के एक खिलाड़ी एंडिले फेहुलक्वायो के खिलाफ रंगभेद की टिप्पणी की थी. उनकी ये बातें स्टम्प माइक में रिकॉर्ड हो गईं. इस कारण सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हुई थी. आईसीसी को मैच रैफरी रंजन मदुगाले की ओर से मामले की रिपोर्ट मिल गई है और वह इस मामले को देख रही है.

इस पर प्लेसिस ने कहा, “जब आप दक्षिण अफ्रीका का दौरा करो, तो आपको रंगभेद जैसी टिप्पणी करते वक्त बेहद सावधान रहने की जरूरत है. मैं जानता हूं कि उनका कोई गलत मतलब नहीं था लेकिन उन्होंने इसकी जिम्मेदारी ली है और हम देखेंगे कि आगे क्या होता है.” प्लेसिस ने कहा कि उनकी टीम इसे हल्के में नहीं ले रही है, लेकिन सरफराज ने अपनी टिप्पणी पर तुरंत खेद जताते हुए माफी मांगी और ऐसे में उन्हें माफ किया जा रहा है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इसे टीम नजरअंदाज कर रही है.

आईसीसी ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है. आईसीसी के नस्लभेदी संबंधी आचार संहिता के अनुसार किसी खिलाड़ी को नस्लभेजी टिप्पणी करने का दोषी माना जाता है जब वह दूसरे किसी खिलाड़ी के खिलाफ उसकी जाति, धर्म, संस्कृति, रंग, वंश, राष्ट्रीय या जातीय मूल के आधार पर टिप्पणी करे. इसका उल्लंघन करने पर आईसीसी द्वारा कड़ी सजा का प्रावधान है. आईसीसी अगर सरफराज अहमद को नस्लीय टिप्पणी करने का दोषी पाता है तो उन पर कम से कम 4 टेस्ट या 8 वनडे मैचों का प्रतिबंध लग सकता है.

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