मुफ्त कनेक्शन के बाद महिलाओं को एक और तोहफा दे सकती है मोदी सरकार

मुफ्त कनेक्शन के बाद महिलाओं को एक और तोहफा दे सकती है मोदी सरकार

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार महिलाओं को एक और तोहफा दे सकती है। सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का दायरा बढ़ाते हुए भविष्य में रसोई गैस कनेक्शन लेने वाली सभी महिला उपभोक्ताओं को मुफ्त गैस कनेक्शन का वादा कर सकती है। इसके साथ पेट्रोलियम मंत्रालय और वित्त मंत्रालय गैस कनेक्शन के साथ पहला गैस सिलेंडर भी फ्री देने पर मंथन कर रहे हैं। अभी उपभोक्ता को गैस की कीमत देनी होती है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना काफी सफल साबित हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया से इस योजना की शुरुआत की थी। शुरुआत में इसका लक्ष्य गरीब परिवारों को तीन साल में पांच करोड़ गैस कनेक्शन देना था। मगर इसकी कामयाबी को देखते हुए सरकार ने लक्ष्य पांच साल में 8 करोड़ कनेक्शन कर दिया। अब तक करीब 6.20 करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिल चुका है।

घर-घर गैस कनेक्शन पहुंचाने के साथ सरकार ने पाइप गैस नेटवर्क में भी काफी इजाफा किया है। सरकार गैस आधारित अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके तहत सरकार ने तीन साल के अंदर 400 से अधिक शहरों में गैस वितरण का काम शुरू कर दिया है। लोकसभा चुनाव के ऐलान से पहले सरकार बाकी बचे शहरों में गैस नेटवर्क के लिए निविदा आमंत्रित कर सकता है। वित्त मंत्री अंतरिम बजट पेश करते हुए इसका ऐलान कर सकते हैं। इसके साथ कुछ और घोषणाओं की भी उम्मीद है।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढाने के लिए सरकार कुछ और रियायत देने का ऐलान कर सकती है। सरकार ने 2022 तक एक लाख 75 हजार मेगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसमें से करीब 75 हजार मेगावाट की क्षमता पवन, सौर और बायोमास में स्थापित हो चुकी है। करीब बीस हजार मेगावाट स्थापना के दौर में हैं। ऐेसे में अंतरिम बजट में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के लिए वित्त मंत्री कुछ उपायों की घोषणा कर सकते हैं।

सौभाग्य योजना भी अंतिम दौर में : 

हर घर तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाने के साथ घर तक बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना भी अंतिम दौर में है। सरकार ने मार्च के आखिर तक हर घर को बिजली से जोडने का लक्ष्य रखा है।

स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी : 
सरकार अब स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी कर रही है ताकि उपभोक्ता मोबाइल की तरह मीटर को रिचार्ज कर सके। सरकार ने तीन साल में सभी बिजली मीटर को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री इसके लिए राशि का आवंटन कर सकते हैं।

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