उत्तर प्रदेश सर्वाधिक शहरों में मेट्रो चलाने वाला देश का पहला राज्य

उत्तर प्रदेश सर्वाधिक शहरों में मेट्रो चलाने वाला देश का पहला राज्य

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के प्रोजेक्ट इंवेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) से कानपुर और आगरा में मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद सर्वाधिक शहरों में मेट्रो रेल चलाने वाला यूपी देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। लखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना का काम अंतिम चरण में चल रहा है। अभी गाजियाबाद और नोएडा में दिल्ली से मेट्रो रेल चल रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के शहरों में बेहतर ट्रांसपोर्ट की सुविधा देना चाहते हैं। इसमें मेट्रो रेल के अलावा सिटी बसों की सुविधा देने की दिशा में काम चल रहा है। यूपी के लखनऊ, कानपुर व आगरा के अलावा मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर, इलाहाबाद में मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने की दिशा में काम चल रहा है। केंद्र सरकार से कानपुर व आगरा में मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने की मंजूरी मिलने के बाद अब अन्य शहरों के लिए डीपीआर बनाने के काम में तेजी आने की संभावना है।

लखनऊ मेट्रो

  • नार्थ साउथ दो कारिडोर
  • अमौसी से मुंशी पुलिस तक-    23 किमी
  • डीपीआर मंजूर-        दिसंबर 2013
  • पहले चरण की शुरुआत-    8.5 किमी
  • कुल लागत-        6880 करोड़

कानपुर मेट्रो

  • परियोजना लागत पहले-    18143 करोड़
  • नई परियोजना लागत-    10908 करोड़ (इस लागत पर मिली है मंजूरी)
  • मेट्रो रेल के लिए दो कारिडोर होंगे
  • पहला- आईआईटी कानपुर से नौबस्ता
  • दूसरा- कृषि विवि से बर्रा- 8
  • पहले की लंबाई-    23.785 किमी
  • दूसरे की लंबाई-    8.600 किमी
  • पहले कारिडोर में स्टेशन-    22
  • दूसरे कारिडोर में स्टेशन-    9

आगरा मेट्रो

  • परियोजना लागत पहले-    13781 करोड़
  • नई परियोजना लागत-    8262 करोड़ (इस लागत पर मिली है मंजूरी)
  • पहला कारिडोर- सिकंदरा से ताज ईस्ट गेट
  • दूसरा कारिडोर- आगरा कैंट से कालिंदी विहार
  • पहले की लंबाई-    14 किमी
  • दूसरे की लंबाई-    16 किमी
  • पहले कारिडोर में स्टेशन-   15
  • दूसरे कारिडोर में स्टेशन-   15

मेरठ-दिल्ली के बीच रैपिड रेल
केंद्र सरकार ने मेरठ व दिल्ली के बीच रैपिड रेल परियोजना को मंजूरी दी है। रैपिड रेल एक तेज गति से चलने वाली ट्रेन है। मेट्रो रेल में 2 से 3 किमी के बीच स्टेशन होता है और रैपिड रेल में 10 किमी पर एक स्टेशन होना है। मेरठ-दिल्ली के बीच रैपिड रेल चलने के बाद एक-दूसरे स्थानों पर जाने वालों को बड़ी सुविधा मिलेगी। आवास विभाग इसके लिए प्रस्ताव पर काम कर रहा है।

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