सरकारी नौकरी में गरीब सवर्णों को मिलेगा फायदा, लागू हुआ सवर्ण आरक्षण

सरकारी नौकरी में गरीब सवर्णों को मिलेगा फायदा, लागू हुआ सवर्ण आरक्षण

केंद्र सरकार ने सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के बाद कई बीजेपी शासित राज्यों में आरक्षण लागू हो चुका. इन राज्यों में आरक्षण लागू होने के बाद कांग्रेस शासित राज्यों में आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू होने का इतंजार किया जा रहा है लेकिन राजस्थान में ये इतंजार अब खत्म हो गया है. राजस्थान पहला ऐसा कांग्रेस शासित राज्य बन गया है जिसने सवर्ण आरक्षण लागू किया.

प्रदेश में भी गरीब सर्वणों के लिए भी आरक्षण लागू कर दिया है. गहलोत सरकार ने प्रदेश में आर्थिक पिछड़ों को 10 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी है. जारी हुए अधिसूचना के तहत 8 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वालों को लाभ मिलेगा. वहीं 5 एकड़ तक कृषि भूमि वाले इसके दायरे में भी आएंगे. केन्द्र सरकार के सवर्ण आरक्षण लागू होने के बाद अब राजस्थान में भी आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को आरक्षण मिलेगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसकी घोषणा विधानसभा में की थी. आरक्षण से सरकारी नौकरियों में युवाओं को लाभ मिलेगा लेकिन सरकार ने अभी तक शैक्षणिक संस्थाओं में सवर्ण आरक्षण लागू नहीं किया है. इससे पहले गुजरात, उत्तरप्रदेश समेत कई राज्यों में भी आरक्षण लागू हो चुका है.

आर्थिक रूप आरक्षण लागू करने की लड़ाई लड़ रहे समता आंदोलन के अध्यक्ष पाराशर नारायण शर्मा ने राजस्थान सरकार के साथ साथ केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. पाराशर नारायण का कहना है कि गरीबी को पिछड़ेपन का आधार मानना बिल्कुलसही है. देश में जातिगत आधार पर आरक्षण समाप्त करने के लिए समता आंदोलन लगातार संघर्षरत है और हमे पूरी उम्मीद है कि जातिगत आधार पर आरक्षण अब खत्म हो जाएगा.

लेकिन समता आंदोलन ने ये आपत्ति भी जताई है कि केवल सरकारी नौकरियों में ही आरक्षण लागू किया गया है, शैक्षणिक संस्थाओं में सवर्ण आरक्षण लागू नहीं किया गया. उनका कहना है सरकारी कॉलेजों में गरीब अमीर विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है, ऐसे में यदि गरीब सर्वणों को आरक्षण मिलेगा तो शैक्षणिक संस्थाओं में एक बार फिर से विघार्थियों की संख्या बढ़ेगी, इसलिए हमारी सरकार से गुजारिश है कि शैक्षणिक संस्थाओं मे भी सवर्णों को आरक्षण मिलना चाहिए.

किसे मिलेगा राजस्थान में सर्वणों को आरक्षण

– जिसकी सालाना आय 8 लाख रूपए या इससे कम हो

– 5 एकड़ तक कृषि भूमि वाले इसके दायरे में भी आएंगे

– 1000 स्क्वायर फीट से कम का घर होगा

– जिनके पास निगम की 100 गज से कम अधिसूचित जमीन होगी

– 200 गज से कम की गैर-अधिसूचित जमीन होगी

हालांकि अशोक गहलोत सरकार ने पिछले कार्यकाल में 14 फीसदी सवर्णों को आरक्षण दिया था,लेकिन  हाईकोर्ट ने ये कहते हुए रोक लगा दी थी कि आरक्षण का दायरा काफी ज्यादा हो चुका है.

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