कोलेजियम की सिफारिशों पर जल्द कार्रवाई के निर्देश देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

कोलेजियम की सिफारिशों पर जल्द कार्रवाई के निर्देश देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश के विभिन्‍न हाई कोर्ट में खाली पड़े जजों के मामले की सुनवाई की. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कोलेजियम की सिफारिशों पर जल्द कार्रवाई करने के किसी भी तरह का निर्देश केंद्र सरकार को जारी करने से इनकार कर दिया. सुनवाई के दौरान वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि केंद्र सरकार कोलेजियम द्वारा हाई कोर्ट जजों की नियुक्ति की सिफारिश वाली फाइलों को दबाकर बैठी है.

भूषण की दलील पर चीफ जस्टिस (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा कि ऐसा नहीं है. केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट जजों की नियुक्ति संबंधी फाइलों का तेजी से निपटारा किया है. केंद्र के पास 70-80 प्रपोजल कोलेजियम ने भेजे थे. इनमें से केंद्र के पास केवल 27 प्रपोजल ही लंबित हैं.

सीजेआई ने कहा, ‘यह हम हैं, जो जजों की नियुक्ति संबंधी प्रपोजल को पास नहीं कर पा रहे हैं. चीफ जस्टिस होने के नाते मैं आपको (प्रशांत भूषण )बता रहा हूं कि जजों की नियुक्ति पहले की तुलना में काफी तेजी से हो रही हैं.

प्रशांत भूषण ने फिर दलील रखी कि उनके चार्ट के अनुसार 9 सिफारिशें ऐसी हैं, जो सरकार मंजूर ही नहीं कर रही है. सीजेआई ने मामले की सुनवाई को 6 सप्ताह के लिए टाल दिया है. बता दें कि हाई कोर्ट में जजों के खाली पड़े पदों को लेकर सीपीआईएल नामक एनजीओ ने प्रशांत भूषण के माध्यम से एक याचिका दायर की हुई है.

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