सत्ता में आने पर अर्धसैनिक बलों को कांग्रेस देगी शहीद का दर्जाः राहुल गांधी

सत्ता में आने पर अर्धसैनिक बलों को कांग्रेस देगी शहीद का दर्जाः राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में छात्रों को संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरूआत पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि देकर की गई। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस आम चुनाव के बाद सत्ता में आयी तो अर्धसैनिक बलों के जवानों को शहीद का दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक अर्धसैनिक बलों को शहीद का दर्जा नहीं मिलता। लेकिन, कांग्रेस की सरकार आयेगी तो उन्हें शहीद का दर्जा मिलेगा। लोकसभा चुनाव से पहले राहुल का यह बड़ा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मेरी दादी मेरी मां से बढ़कर- राहुल गांधी

जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जब मेरी दादी (इंदिरा गांधी) की मौत हुई थी तब मेरे पापा बंगाल में थे। मेरी दादी मेरे लिए मेरी मां से भी बढ़कर थीं। मेरी दादी (इंदिरा गांधी) की हत्या उनके सुरक्षाकर्मियों ने कर दी थी। सतवंत सिंह ने मुझे बैडमिंटन खेलना सिखाया था।

केंद्र सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज विश्वविद्यालयों में कुलपति के पद पर एक संगठन की विचारधारा के लोग बैठाये जा रहे हैं। वे चाहते हैं कि हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली उनका औजार बन जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग वैश्विक दृष्टि और छात्रों की भावनाओं से चिंतित नहीं हैं। वे केवल अपनी विचारधारा से संबंधित हैं और एक हथियार के रूप में भारत की शिक्षा प्रणाली का उपयोग करना चाहते हैं।

शिक्षा के स्तर में सुधार की जरुरत

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मैं शिक्षा के सख्त ढांचे में विश्वास नहीं करता। हमें छात्रों को सशक्त बनाना चाहिए। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैं उत्तर पूर्वी राज्यों में उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या बढ़ाने के लिये पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं। राहुल ने कहा कि भाजपा सरकार में शिक्षा के स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर को सुधारने की सख्त जरुरत है।

बेरोजगारी पर जताई चिंता

राहुल गांधी ने बेरोजगारी पर भी चिंता जताई और कहा कि जब आप भारत, अमेरिका और यूरोप के देशों को देखेंगे तो सबसे बड़ी समस्या नौकरियों की हैं। इस समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है, इसकी वजह से गुस्सा बढ़ रहा है और दक्षिणपंथी संगठन उस गुस्से का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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