अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने UN में मसूद को ब्लैकलिस्ट करने का रखा प्रस्ताव

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने UN में मसूद को ब्लैकलिस्ट करने का रखा प्रस्ताव

भारत और पाकिस्तान मौजूदा हालातों के बीच भारत को जैश सरगना मसूद अजहर (Masood Azhar) के खिलाफ अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों का साथ मिला है। तीनों देशों ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र परिषद में जैश-ए-मोहम्मद (Jaish E Mohammad) के सरगना आतंकी मसूद अजहर को ब्लैक लिस्ट करने के लिए प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि जैश ए मोहम्मद ने कश्मीर में सीआरपीएफ पर हमला कराया था।’


अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समिति से कहा है कि वह पाक स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को हथियार बैन, वैश्विक यात्रा पर प्रतिबंध और संपत्तियों को फ्रीज करे।

जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की आतंकी सूची में शामिल करने का यह तीसरा प्रयास है। इससे पहले चीन दो बार साल 2016 और साल 2017 में आतंकी मसूद अजहर के ऊपर बैन लगाने को लेकर रोड़ा अटका चुका है। वहीं, आतंकी संगठन ने साल 2001 में खुद को आतंकी सूची में शामिल कर लिया था। संयुक्त राष्ट्र परिषद के पास तीन देशों के अनुरोध पर विचार करने के लिए 10 दिन हैं।

गौरतलब है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए 14 फरवरी को सीआरपीएफ काफिले पर आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे, वहीं, कई अन्य जवान घायल भी हुए थे। इसके बाद भारत ने एलओसी पार कर बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविरों को मिराज-2000 से ध्वस्त कर दिया था। इस हमले में भारतीय वायुसेना ने एक हजार किलो बम का इस्तेमाल कर तकरीबन 200-300 आतंकियों को ढेर किया था।

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