मसूद के खिलाफ ठोस सबूत दे भारत, हम उन्‍हें अपनी कोर्ट और लोगों के सामने रखेंगे

पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि अगर भारत के पास जैश-ए-मोहम्‍मद के मुखिया के खिलाफ पुलवामा हमले से जुड़े ठोस सबूत हैं और वह इन्‍हें पाकिस्‍तानी के साथ साझा करता है तो इसके लिए हम अपनी न्यायपालिका और लोगों को मना सकते हैं. भारत और पाकिस्‍तान के बीच मौजूदा समय में उपजे तनाव के दौरान पाक विदेश मंत्री ने सीएनएन से बातचीत में यह बात कही.

जब कुरैशी से पूछा गया था कि वह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के बारे में भारतीय चिंताओं का जवाब कैसे देंगे तो उन्‍होंने कहा कि ‘भारतीयों को मेरा संदेश है कि यह एक नई सरकार है, जिसकी नई मानसिकता है. हम शांति से रहना चाहते हैं. हमारा एक जन-केंद्रित एजेंडा है. हम अपनी अर्थव्यवस्था को ठीक करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. हम शासन में सुधार करना चाहते हैं और पाकिस्तान में भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहते हैं. और इसके लिए हमें जनादेश मिला है’.

उन्‍होंने कहा कि “हम पाकिस्तान और क्षेत्र में शांति व सामंजस्य देखना चाहते हैं. पश्चिमी मोर्चा हमारा इस्‍तेमाल कर रहा है और हम नहीं चाहते कि पूर्वी मोर्चे पर इसमें वृद्धि हो. हमारी सरकार की नीति यह है कि हम किसी व्‍यक्ति या संगठन द्वारा आतंकवाद के लिए अपनी मिट्टी के इस्‍तेमाल की इजाजत नहीं देंगे. भारत के खिलाफ भी नहीं.”

जब कुरैशी से पूछा गया था कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी सूची में जेएएम के प्रमुख का नाम रखने की भारत की इच्छा के बारे में क्या सोचा है तो इस पर उन्‍होंने कहा कि हम आतंकवाद की ओर जाने वाले किसी भी कदम को रोकने के लिए हर समय सजग हैं. यदि भारत के पास अच्छे, ठोस सबूत हैं, तो कृपया बैठकर बात करें, बातचीत शुरू करें. हम तर्कशीलता दिखाएंगे.”

वहीं, इस बातचीत के दौरान विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कबूला कि मसूद अजहर पाकिस्‍तान में ही है. इसके साथ ही कुरैशी ने कहा कि मसूद काफी अस्‍वस्‍थ है. सीएनएन से बात करते हुए विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान कभी भी आगे नहीं बढ़ना चाहता है. भारत ने जब पाकिस्तान पर हमला किया था, तो चीजें बढ़ गई थीं.

मसूद अजहर पर किए गए सवाल पर उन्‍होंने कहा कि युद्ध की किसी भी स्थिति को कम करने संबंधी कदम उठाने को लेकर हमारे दरवाजे खुले हैं. अगर उनके (भारत) पास अच्‍छे और पुख्‍ता सबूत है तो बैठिए, बात कीजिए. कृपया बातचीत शुरू करें और हम तर्कशीलता दिखाएंगे.”

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