मनरेगा श्रमिक नियोजन मामले में राजस्थान देश में पहले स्थान पर

मनरेगा श्रमिक नियोजन मामले में राजस्थान देश में पहले स्थान पर

मनरेगा में श्रमिक नियोजन के मामले में राजस्थान देशभर में पहले स्थान पर आ गया है। देश में अव्वल आने से उत्साहित राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने मनरेगा के तहत शुरू किए गए ‘काम मांगो विशेष अभियान’ की अवधि को अब 31 मार्च तक बढ़ा दी है। अभियान की शुरुआत से पहले मनरेगा में श्रमिकों की संख्या महज 8 लाख 85 हजार थी और अब यह संख्या 26 लाख से अधिक तक पहुंच गई है। राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के निर्देश पर इस अभियान की शुरूआत की गई थी। पायलट का कहना है कि राज्य सरकार मनरेगा को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है।

अधिकारियों को लोगों के बीच जाने के निर्देश

राजस्थान में मनरेगा योजना के तहत काम करने वाले श्रमिकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राज्य सरकार की ओर से शुरू किए गए ‘काम मांगो अभियान’ के बाद प्रदेश में इस योजना के हालात बदल गए है। राज्य विधानसभा चुनाव बाद सत्ता संभालते ही उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने विभाग को ‘काम मांगो अभियान’ चलाने के निर्देश दिए थे। अभियान 5 जनवरी से शुरू किया गया है। उसके बाद प्रदेश में मनरेगा योजना में काम मांगने वाले श्रमिकों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

मनरेगा में दिन-प्रतिदिन आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए पायलट ने ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों एवं उप खंड अधिकारियों को मनरेगा के सक्रिय क्रियान्वयन को लेकर निर्देश दिए गए है। पायलट ने अधिकारियों को लोगों के बीच जाकर मनरेगा के बारे में फीडबैक लेने के निर्देश दिए है।

You Might Also Like