गाजीपुर के वीर श्याम नारायण को अंतिम विदाई देने जुटा जनसैलाब

गाजीपुर के वीर श्याम नारायण को अंतिम विदाई देने जुटा जनसैलाब

हिंदवाड़ा में ऑपरेशन के दौरान आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए सीआरपीएफ के नायब दरोगा श्याम नारायण यादव के अंतिम दर्शन को जनसैलाब उमड़ा। उनके पैतृक गांव फत्तेपुरा में सुबह से ही हजारों लोगों की भीड़ जुटी। अधिकारियों से लेकर राजनेताओं ने पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी। हजारों लोगों ने नम आंखों से उनके अंतिम दर्शन किए और बिलखती मां और पत्नी ने भी अंतिम विदाई दी। जब तक सूरज चांद रहेगा, श्यामा तेरा नाम रहेगा, सरीखे नारों से गांव घंटों गूंजता रहा। दोनों बेटों ने पिता को कांधा दिया और श्याम नारायण का पार्थिव शरीर 11 बजे अंतिम यात्रा के लिए चल दिया। अंत्येष्टि गाजीपुर के गंगा घाट पर करीब एक बजे होगी। 

गाजीपुर के सीआरपीएफ जवान श्याम नारायण यादव शुक्रवार को हिंदवाड़ा आपरेशन में गोली से घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती थे, जहां शनिवार की रात उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी शहादत की खबर के बाद से गाजीपुर स्थित घर में कोहराम मचा है। रविवार की देर रात उनका पार्थिव शरीर पैतृक आवास पर पहुंचा तो हजारों लोग अंतिम दर्शन को जुटे। बिरनो थाना क्षेत्र के हसनपुरा फतेहपुर निवासी 51 वर्षीय श्याम नारायण यादव सीआरपीएफ में नायब दारोगा थे। 1991 में रामपुर कैंप से सीआरपीएफ ज्वाइन की थी। पार्थिव शरीर से लिपटकर उनकी मां सीतावती बार-बार बेहोश हो जा रही थी। लाल से आंखें खोलने की बात कहकर आंख बंद कर लेती थीं। उधर, रो-रोकर बदहाल हो रही पत्नी उर्मिला को दोनों बेटों अरविंद और परविंद को संभालना भी मुश्किल था।प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने परिवार को  ढांढस बंधाया  और सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

इस दौरान डीएम के.बालाजी, एसपी डा. अरविंद चतुर्वेदी, विधायक वीरेंद्र यादव, पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सिंह, सुनील सिंह, सीडीओ, ब्लाक  प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष समेत जिले भर के लोग शामिल रहे।

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