सपा-बीएसपी-रालोद महागठबंधन की चौथी रैली शुक्रवार को मैनपुरी में होगी. इस दौरान बसपा अध्यक्ष मायावती भी अपने दशकों पुराने प्रतिद्वंद्वी सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव  के लिये वोट मांगेंगी.  मैनपुरी की क्रिश्चियन फील्ड में होने वाली इस रैली में मायावती और मुलायम के मंच साझा करेंगे. इसके जरिये महागठबंधन प्रतिद्वंद्वियों को यह संदेश देने की कोशिश करेगा कि सभी दल बीजेपी के खिलाफ एकजुट हैं. सपा के जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा ने बताया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा मुखिया मायावती और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह रैली को सम्बोधित करेंगे. इस मौके पर सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव भी मौजूद रहेंगे. रैली की तैयारियों में जुटे मैनपुरी सदर से सपा विधायक राज कुमार उर्फ राजू यादव ने बताया कि मुलायम ने कल रैली में हिस्सा लेने की पुष्टि की है.

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शुरू में ऐसी खबरें थीं कि मुलायम रैली में शामिल नहीं होंगे. वर्मा ने बताया कि रैली स्थल पर 40 लाख लोगों को जुटाने की तैयारी की गयी है. इस बीच, बीएसपी जिलाध्यक्ष शिवम सिंह ने बताया कि मायावती शुक्रवार को सैफई के रास्ते मैनपुरी पहुंचेंगी. मालूम हो कि साल 1993 में गठबंधन कर सरकार बनाने वाली सपा और बसपा के बीच पांच जून 1995 को लखनऊ में हुए गेस्ट हाउस काण्ड के बाद जबर्दस्त खाई पैदा हो गयी थी.  हालांकि लोकसभा चुनाव से पहले सपा से हाथ मिलाने के बाद मायावती स्पष्ट कर चुकी हैं कि दोनों पार्टियों ने बीजेपी को हराने के लिये आपसी गिले—शिकवे भुला दिये हैं. अब सबकी निगाहें कल मायावती के सम्बोधन पर होंगी.

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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन किया है. इस समझौते के तहत 38-38 सीटों पर बीएसपी और सपा चुनाव लड़ रही हैं और दो सीटें शुरू में आरएलडी के लिए छोड़ी गई थी बाद में एक सीट और आरएलडी की दी गई है. वहीं इस  गठबंधन ने अमेठी और रायबरेली में अपने प्रत्याशी न उतारने का फैसला किया है.

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