PM मोदी के बगल में राजनाथ, सुषमा की सीट पर शाह, देखें- कैसे बदला लोकसभा का नजारा

PM मोदी के बगल में राजनाथ, सुषमा की सीट पर शाह, देखें- कैसे बदला लोकसभा का नजारा

अब ये तस्वीर साफ हो गई है, सदन के नेता के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली सीट पर विराजमान हैं तो उनके बाद राजनाथ सिंह और अमित शाह का नंबर आया है.

17वीं लोकसभा की शुरुआत हो गई है. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का ये पहला सत्र है. 40 दिन चलने वाले इस सत्र की शुरुआत सांसदों की शपथ के साथ हो गई है. इस दौरान हर किसी की नज़र इस बात पर रही कि आखिर कौन किस सीट पर बैठेगा. क्योंकि कैबिनेट गठन के साथ ही ‘सरकार में नंबर दो कौन’ का सवाल गूंजने लगा था. अब ये तस्वीर साफ हो गई है, सदन के नेता के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली सीट पर विराजमान हैं तो उनके बाद राजनाथ सिंह और अमित शाह का नंबर आया है.

लोकसभा में उपनेता हैं राजनाथ सिंह

बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के उपनेता हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन के नेता हैं. यानी राजनाथ सिंह का कद सदन में नंबर दो का है. यही कारण है कि राजनाथ ठीक नरेंद्र मोदी के बगल में बैठे हैं. पिछले सदन में भी वह पीएम मोदी के साथ ही बैठे थे. बता दें कि जब कैबिनेट में उन्हें गृह मंत्री पद से हटाकर रक्षा मंत्री का जिम्मेदारी दी गई तो राजनीतिक चर्चा हुई कि उनका कद नंबर दो से घटाकर नंबर तीन कर दिया है.

सुषमा की जगह शाह, आडवाणी की सीट पर गहलोत

बीजेपी अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह भी इस बार लोकसभा में चुनकर आए हैं. वह सत्तापक्ष की पहली ही लाइन में राजनाथ सिंह के बगल में बैठे हैं. पहले इस सीट पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बैठती थीं. उनके बगल में थावरचंद गहलोत हैं, जो कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की सीट पर विराजमान हुए.

इन सभी सीटों के अलावा थावरचंद गहलोत के बाद नितिन गडकरी, सदानंद गौड़ा, फिर रविशंकर प्रसाद, नरेंद्र सिंह तोमर और हरसिमरत कौर पहली ही पंक्ति में दिखे. उनके बाद रामविलास पासवान भी दिखे, हालांकि वह इस बार लोकसभा सांसद नहीं हैं. लेकिन मंत्री होने के नाते वह सदन में दिखे.

आपको बता दें कि सदन में सीट मंत्री पद में वरिष्ठता या फिर कितनी बार जीत दर्ज कर वे आए, इस आधार पर मिलती आई है.

गौरतलब है कि इस बार सदन में कई वरिष्ठ और पुराने सांसद नहीं दिख रहे हैं, जिनमें लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज, मल्लिकार्जुन खड़गे, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे बड़े नाम शामिल हैं.

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