यूपीः फ्रेंचाइजी के नाम पर 41.77 लाख हड़पे, केस दर्ज

विभूतिखंड थाना में बाइक किराए पर लगाने का झांसा देने वाली नोएडा की कंपनी गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर लिमिटेड के मालिक व निदेशक संजय भाटी और फ्रेंचाइजी हेड विजय कसाना के खिलाफ इंदिरानगर के सिद्धिनाथ मिश्र ने केस दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी का कहना है कि सिद्धिनाथ मिश्र ने कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने के साथ ही बिजनेस में भी धन लगाया था। उन्होंने कुल 41,77,689 रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। केस दर्ज कर जांच की जा रही है।

सिद्धिनाथ मिश्र ने बताया कि उन्होंने गोमतीनगर के वास्तुखंड में ऑफिस खोलकर गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर कंपनी की फ्रेंचाइजी ली थी। संजय भाटी और विजय कसाना ने उन्हें ओला-ऊबर की तर्ज पर मोबाइल एप तैयार करके दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र समेत अन्य जनपदों में बाइक बोट के नाम से बाइक टैक्सी चलाने की योजना के बारे में बताया। ठगों ने कहा कि वह एक बाइक के लिए नकद या चेक से 62100 रुपया लेते हैं। इस रुपये से वह बाइक खरीदकर उसे टैक्सी के रूप में चलवाएंगे। बाइक से जो आमदनी होगी, उसके बदले कंपनी निवेशकों को उनकी रकम 5175 रुपये की दर से 12 महीने की किस्तों में वापस करेगी।

 

इसके अलावा प्रतिदिन के हिसाब से 163 रुपये अलग और बाइक का किराया हर महीने 4590 रुपये दिया जाएगा। इस तरह से एक बाइक पर निवेश करने में एक साल में कुल 117180 रुपये मिलेंगे। ठगों ने कहा कि फ्रेंचाइजी लेने वालों को और भी अधिक लाभ मिलेगा। संजय भाटी और विजय कसाना की लुभावनी बातों में फंसकर सिद्धिनाथ मिश्र ने फ्रेंचाइजी ले ली और कंपनी के खाते में ऑनलाइन 1925100 रुपये जमा करा दिए। ठगों ने अन्य लोगों को कंपनी से जोड़ने के लिए कहा जिस पर सिद्धिनाथ ने अपने साथियों के भी 1552689 रुपये कंपनी में लगवा दिए। तीन महीने तक कुछ किस्तें मिली, इसके बाद रुपये मिलना बंद हो गए। अक्तूबर के बाद कंपनी ने रुपया देने से मना कर दिया।

 

सिद्धिनाथ मिश्र का कहना है कि वह 3477689 रुपये कंपनी में लगा चुके हैं। ऑफिस के रूप में करीब सात लाख रुपये खर्च किए। हर महीने किराये के रूप में 45000 रुपये जा रहे हैं जबकि एक रुपया भी वापस नहीं मिल रहा। इस बीच पता चला कि कंपनी का मालिक संजय भाटी नोएडा में गिरफ्तार हो चुका है। उन्होंने पुलिस से अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है।

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