सरकारी कर्मचारियों की बढ़ सकती हैं रिटायरमेंट उम्र, आज बजट में मिलेगी खुशखबरी

सरकारी कर्मचारियों की बढ़ सकती हैं रिटायरमेंट उम्र, आज बजट में मिलेगी खुशखबरी

सरकारी कर्मचारियों के अच्छी खबर है. सरकार अब उनकी रिटायरमेंट की उम्र बढ़ा सकती है. मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) प्रोफेसर केवी सुब्रमण्यन ने आर्थिक सर्वेक्षण में रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाए जाने का प्रस्ताव दिया है. सर्वे के मुताबिक, जीवन क्षमता बढ़ने और फर्टिलिटी रेट घटने की वजह से 2031-41 के बीच भारत की आबादी 0.5 फीसदी बढ़ जाएगी. ऐसे में यह संभावना मजबूत है कि रिटायरमेंट की उम्र भी बढ़ाई जा सकती है. मुख्य आर्थिक सलाहकार के मुताबिक, लोगों की जीवन प्रत्याशा बढ़ रही है इसलिए रिटायरमेंट की उम्र बढ़ा दी जाए. जनसंख्या प्रवृत्ति के बारे में आर्थिक समीक्षा में बुजुर्ग आबादी के लिए तैयारी की जरूरत पर बल दिया गया है. इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश में वृद्धि के साथ चरणबद्ध तरीके से सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने की जरूरत को भी रेखांकित किया गया है.

संसद में इकोनॉमिक सर्वे पेश करते हुए फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने की अनदेखी ज्यादा दिनों तक नहीं हो सकती. मुमकिन है कि आज से 10 साल बाद ये बदलाव कर दिए जाएं. लिहाजा इसके लिए अभी से ही तैयारी शुरू कर दी जाए. सर्वे में यह भी कहा गया है कि वे रिटायरमेंट और दूसरे रिटायरमेंट प्रोविजन के प्लान में मदद करेंगे.

महिला और पुरुष की जीवन क्षमता लगातार बढ़ने की वजह से रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने पर विचार हो रहा है. बुजुर्गों की आबादी बढ़ने और पेंशन फंड पर लगातार दबाव बढ़ने के कारण कई देशों में रिटायरमेंट की उम्र बढ़ा दी गई है. इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, भारत की आबादी की ग्रोथ अगले दो दशक में लगातार बढ़ेगी. 2021 से 31 के बीच भारत की आबादी 1 फीसदी और 2031 से 41 के बीच 0.5 फीसदी बढ़ोतरी होगी.  ये  खुशखबरी! शहरों के मुकाबले गांवों में ज्यादा तेजी से घट रही हैं महंगाई!

 

 

55-60 लाख नौकरियां पैदा करने के लिए बताया रोडमैप
आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि देश में MSMEs सेक्टर को मजबूती देकर बेरोजगारी की समस्या को बहुत हद तक काबू किया जा सकता है. सर्वेक्षण के अनुसार देश के MSMEs सेक्टर में 50 फीसदी से ज्यादा फर्म ऐसी हैं, जिनमें कर्मचारियों की संख्या 100 से कम है. 10 साल पुरानी होने के बाद भी ऐसी फर्म कमजोर स्थिति में हैं. ऐसी फर्म की रोजगार देने में महज 15 फीसदी की हिस्सेदारी है. वहीं, जहां 100 से ज्यादा कर्मचारी हैं, संख्या में कम होने के बाद भी रोजगार देने में 75 फीसदी हिस्सेदारी रखती हैं और प्रोडक्टिविटी में इनका योगदान 90 फीसदी है.

देश की GDP ग्रोथ 7% रहने का अनुमान

 

कोनॉमिक सर्वे में बताया गया है कि साल 2019-20 के लिए देश की GDP ग्रोथ 7 फीसदी रह सकती है. आपको बता दें कि इकोनॉमिक सर्वे मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यन ने तैयार किया है और इसमें दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के रास्ते में देश के समक्ष चुनौतियों को भी बताया गया है.