यमुना एक्सप्रेस-वे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के लिए नए सिरे से बनेगा ‘सेफ्टी प्लान’

लखनऊ,  आगरा को ग्रेटर नोएडा से जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा चालक को झपकी आने और बस की ओवरस्पीड के कारण हुआ। जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आने के बाद एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और निगरानी के इंतजामों पर सवाल खड़े हुए हैं। लिहाजा, रिपोर्ट मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार रात परिवहन मंत्री सहित आला अधिकारियों की बैठक बुलाकर एक-एक बिंदु पर जानकारी ली। साथ ही उन्होंने यमुना एक्सप्रेस-वे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के लिए नए सिरे से ‘सेफ्टी प्लान’ बनाने के निर्देश दिए हैं।

यमुना एक्सप्रेस-वे पर सोमवार तड़के हुए हादसे की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी थी। समिति ने मंगलवार सुबह अपनी रिपोर्ट सौंप दी। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार के मुताबिक जांच रिपोर्ट में चालक को झपकी आने की बात कही गई है। साथ ही सुरक्षा के लिए कुछ सुझाव भी दिए गए हैं।

इस पर शाम को योगी ने परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, डीजीपी ओपी सिंह, अपर मुख्य सचिव व उप्र एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी और प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला के साथ लोकभवन में बैठक की। जांच रिपोर्ट के तथ्यों के साथ ही उसमें दिए गए सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी और प्रमुख सचिव परिवहन को निर्देश दिए कि एनएचएआइ, यूपीडा, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग सहित सभी संबंधित विभाग मिलकर नए सिरे से सेफ्टी प्लान बनाएं। यह ऐसा हो कि हादसों को कम से कम किया जा सके। साथ ही दुर्घटना होने पर राहत-बचाव कार्य भी तेजी से हो सके। सुरक्षा के सभी मानकों का पालन यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे सहित निर्माणाधीन परियोजनाओं में भी जरूर हो। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग में जरूरत अनुसार रिक्त पद भरने के भी निर्देश दिए।

गुरुवार को फिर होगी बैठक

मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के मसले को लेकर गुरुवार को फिर से बैठक बुलाई है। इसमें सभी संबंधित विभागों के अफसरों के साथ वह चर्चा कर दिशा-निर्देश जारी करेंगे।

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