गहलोत ने दी 75 हजार नौकिरयों की सौगात, राजस्थान का पानी पाक जाने से रोकने की भी योजना

गहलोत ने दी 75 हजार नौकिरयों की सौगात, राजस्थान का पानी पाक जाने से रोकने की भी योजना

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राज्य विधानसभा में 2019-20 के लिए 2 लाख 32 हजार 944 करोड़ एक लाख रुपए का बजट पेश किया। इसमें 27 हजार 14 करोड़ 97 लाख का राजस्व घाटा तथा 32 हजार 678 करोड़ 34 लाख का राजकोषीय घाटा है। बजट भाषण में उन्होंने सभी वर्गों का सौगात दी है। गहलोत के बजट में 75 हजार पदों पर भर्तियां की घोषणा के साथ किसानों-महिलाओं को भी सौगातें दी गईं हैं। बजट में राजस्थान से पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोकने के लिए योजना बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जल संकट को लेकर भी कई योजनाओं की घोषणा की। बजट में की गईं प्रमुख घोषणाएं –

नौकरियां

राज्य में इस साल विभिन्न विभागों में लगभग 75 हजार पदों पर भर्तियां की जाएगी।

राजस्व 4646

एग्रीकल्चर 4000

एजुकेशन 21600

कॉपरेटिव 750

डीओआईटी 800

मेडिकल 15000

उच्च शिक्षा 1000

स्किल एंड एम्प्लायमेंट 1500

फोरेस्ट 1474

होम 4000

एनर्जी 9000

पीएचईडी 1400

पीडब्ल्यूडी (जेईएन के 200 पद सहित) 1341

डब्ल्यूआरडी 2000

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज 5160

ट्रांसपोर्ट 104

सोशल जस्टिस एवं एंम्पावरमेंट 250

वीमेन एंम्पावरमेंट 300

मेडिकल एजुकेशन 269

सिचाई व पेयजल को लेकर बजट में की गई घोषणाएं –

– राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विकास के लिए बूंदी, कोटा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, जोधपुर, पाली, सिरोही, नागौर, करौली, सीकर, सवाईमाधोपुर, जयपुर, धौलपुर, भरतपुर, अजमेर, अलवर में 517 करोड़ के 55 कार्य स्वीकृत किए जाएंगे।

– सिंचाई परियोजनाओं के लिए 262 करोड़ रुपए के जीर्णोद्धार कार्य कराए जाएंगे, 211 बड़े बांध का होगा जीर्णोद्धार, जैसलमेर तहसील के 25000 किसानों के लिए विधि एक सौगात

– कृषि फीडर के लिए 5200 करोड़ की घोषणा, 600 नए – ट्रांसफार्मर 500 करोड़ के खर्चे से उपलब्ध करवाए जाएंगे, – चरणबद्ध रूप से स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे

– इंदिरा गांधी फीडर की नहरों की मरम्मत होगी।

– पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोकने के लिए योजना की तैयारी

– जल संसाधन के लिए 4675 करोड़ का प्रावधान

– 211 बड़े बांधों के लिए जीर्णोद्धार के लिए 935 करोड़ रुपए के प्रस्ताव

– 21 जिलों में 517 करोड़ के काम शुरू किए जाएंगे

– बेणेश्वर धाम विकास बोर्ड बनाने की घोषणा

– जल संसाधान के लिए 4675 करोड़ रुपए के काम शुरू किए जाएंगे

– गांवों में सौर ऊर्जा से चलने वाले ट्यूबवैल लगाए जाएंगे।

– 37 हजार करोड़ की ईस्टर्न कैनाल परियोजना के लिए नेशनल दर्जे की अपील।

शिवगंज को जवाई बांध से जलापूर्ति के लिए बनेगी डीपीआर

ईस्टर्न कैनाल की 37 हजार करोड़ की लागत है।

– राजीव गांधी जल संचय योजना शुरू करने की भी घोषणा, प्रदेश के गांवों में मास्टर प्लान बनाए जाएंगे, वृद्धावस्था,विधवा और निशक्त पेंशन बढ़ाने की घोषणा, पेंशन में वृद्धि से 62 लाख पेंशनधारियों को लाभ

 

किसानों के लिए

कृषि फीडर के लिए 5200 करोड़ की घोषणा, 600 नए ट्रांसफार्मर 500 करोड़ के खर्चे से उपलब्ध करवाए जाएंगे, चरणबद्ध रूप से स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे

– 1000 नए पशु चिकित्सालय खुलेंगे, 5 वर्षों में ग्राम पंचायतों में नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा। किसानों को यथोचित भुगतान दिलाने में सहायक होगा यह कोष।

– प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग को प्रोत्साहित करेंगे। इस खेती में पारंपरिक तरीके, कम सिंचाई एवं प्राकृतिक खाद का उपयोग होता है। योजना बांसवाड़ा, टोंक एवं सिरोही जिलों में होगी। यहां की 36 ग्राम पंचायतें के 20 हजार किसान को इसमें शामिल किया जाएगा। इस पर 10 करोड़ रुपए व्यय होंगे।

– उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति के लिए एक लाख मीट्रिक टन डीएपी और 2 लाख मीट्रिक टन यूरिया का अग्रिम भंडारण होगा।

– खेती की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए कृषि ज्ञान धारा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस पर 2 करोड़ रुपए व्यय होंगे।

– फव्वारा खेती एवं बूंद बूंद सिंचाई में फर्टिगेशन, फेलियर उर्वरीकरण तथा ड्रिप ऑटोमेशन की आधुनिक तकनीक इस्तेमाल की जाएगी।

ऊर्जा के क्षेत्र के लिए

 

– 2019-20 में ऊर्जा विभाग के लिए कुल 30 हजार 170 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह पिछले साल की तुलना में 11.41 प्रतिशत अधिक है।

– बिजली उत्पादन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 10 वर्षीय कार्ययोजना बनाई है।

– राज्य में नवीन सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा नीति लाने की घोषणा।

– 1 हजार 426 मेगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा एर्व 4 हजार मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना की जाएगी।

– राज्य में 33 केवी सबस्टेशनों के समीप किसानों की अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा के 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक के कुल 2 हजार 500 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र आगामी तीन साल में लगाए जाएंगे।

– बाड़मेर, जोधपुर एवं जैसलमेर में 465 केवी का एक ग्रिड सब स्टेशन जोधपुर में स्थापित किया जाएगा एवं अन्य जिलो में चरणबद्ध रूप से 220 केवी के तीन एवं 132 केवी के 13 ग्रिड सब स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा।

– किसानों को कुसुम योजना के तहत चरणबद्ध रूप से सोलर पंप सेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना से किसान को दिन में बिजली मिलेगी। बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। एवं किसान द्वारा अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देने से उनकी आय भी होगी।

किसानों को बिना व्यवधान अच्छी गुणवत्ता की बिजली उपलब्ध कराने के लिए आगामी चार सालों में कृषि कनेक्शन के लिए प्रथक फीडर की स्थापना के लिए 5 हजार 200 करोड़ की योजना प्रारंभ की जाएगी।

 

सार्वजनिक निर्माण विभाग

प्रदेश में डामर सड़क से वंचित 1 हजार 9 गांवों (500 से ज्यादा की आबादी) को जन घोषणा पत्र के अनुसार आगामी चार वर्षों में 1 हजार करोड़ का व्यय कर सड़कों से जोड़ा जाना प्रस्तावित है।

आने वाले पांच सालों में समस्त ग्राम पंचायतों को एक नया विकास पथ उपलब्ध करवाएगी। इस योजना में कुल 10 हजार किलोमीटर लंबाई की सड़कें नाली सहित बनेंगी जो वॉल टू वॉल कवर करेगी।

राज्य के जनजाति एवं रेगिस्तानी क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में सड़कों का सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण करने के लिए नाबार्ड योजना के तहत 337 करोड़ की लागत से 2 हजार 200 किलोमीटर की लंबाई में 531 कार्य प्रारंभ किए जाएंगे।

परिवहन

 

 

वाहन प्रदूषण में कमी लाने के लिए सार्वजनिक परिवहन के साधनों में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति लाई जाएगी।

सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सड़क सुरक्षा निधि से पुलिस विभाग को उपकरण, चिकित्सा विभाग को ट्रोमा सेंटर, ट्रोमा स्टेबिलाइजेशन यूनिट एवं स्किल लैब इत्यादि की स्थापना के कार्य करवाए जाएंगे।

 

स्थानीय निकाय/स्वायत्त शासन एवं शहरी निकास

आवासन मंडल के निर्मित मकानों की बिक्री नहीं हो पा रही है। आवासन मंडल द्वारा अब ऐसे मकानों को अब तक की सबसे बड़ी 50 प्रतिशत तक की छूट देकर नीलामी करवाई जाएगी।

जयपुर की मेट्रो प्रथम चरण बी का कार्य शीघ्र ही पूर्व किया जाकर इस वित्तीय वर्ष के अंत तक वॉल सिटी में मेट्रो सेवा प्रारंभ करने जा रही है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के लिए 13 हजार करोड़ की लागत से द्वितीय चरण की संशोधित डीपीआर बनाने का काम शुरु करवाया जाएगा।

 

कोटा शहर में 400 करोड़ की लागत से चंबल रिवर फ्रंट के विकास के लिए 5 करोड़ की लागत से डीपीआर बनाई जाएगी।

उदयपुर शहर की ट्रेफिक समस्या के समाधान के लिए एक समग्र डीपीआर बनाकर इस वित्तीय वर्ष में 50 करोड़ रुपए के कार्य प्रारंभ किए जाएंगे।

जयपुर शहर में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली की तर्ज पर वर्ष 2013 में एक सेंटर बनाने की योजना है। इसके जल्द निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है।

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