जम्मू और कश्मीर पर भारत के फैसले का रूस के विदेश मंत्रालय ने समर्थन किया है

रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने जम्मू और कश्मीर को दो भागों में विभाजित और केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला संविधान के अनुसार ही लिया है. मॉस्को को उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर राज्य पर दिल्ली द्वारा लिए गए फैसले पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव में वृद्धि नहीं होने देंगे.

रूस के विदेश मंत्रालय की  कहा गया,  हमें उम्मीद है कि भारत-पाकिस्तान के मतभेदों को द्विपक्षीय आधार पर राजनीतिक और राजनयिक तरीकों से हल किया जाएगा. भारत और पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में किए गए बदलाव के बाद किसी तरह के तनाव को बढ़ावा नहीं देंगे.

बता दें कि भारत ने शुक्रवार को कहा कि अब पाकिस्तान को जम्मू एवं कश्मीर के सच को स्वीकार कर लेना चाहिए और उसे भारत के आंतरिक मामलों में दखल देना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के बाद पाकिस्तान को चिंता है कि अब वह वहां कश्मीरी लोगों को गुमराह कर आतंक के लिए प्रेरित नहीं कर सकेगा.

 

वहीं चीन ने भी भारत और पाकिस्तान से अपने विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत करने का आग्रह किया. बता दें कि चीन की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के चीन से परामर्श के लिए पहुंचने के बाद शुक्रवार को आई.

 

चीन ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के फैसले का प्रत्यक्ष रूप से जिक्र नहीं करते हुए कहा, प्राथमिकता यह है कि प्रासंगिक पक्ष को चाहिए कि वह यथास्थिति को एकतरफा बदलने से बाज आए और तनाव न बढ़ाए.

 

 

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